राजस्थान सरकार ने सफाईकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मैनहोल के भीतर होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) राज्य के 35 प्रमुख शहरों के लिए 136 करोड़ रुपये की लागत से 100 अत्याधुनिक 3-इन-1 रोबोटिक सीवर सफाई मशीनें खरीदेगा। इन मशीनों के आने के बाद सीवर लाइन की सफाई में मैन्युअल एंट्री की जरूरत लगभग समाप्त हो जाएगी और सफाईकर्मियों को जान जोखिम में डालकर मैनहोल में नहीं उतरना पड़ेगा।

तीन महीने में शुरू होगी नई व्यवस्था

स्वायत्त शासन विभाग के अनुसार मशीनों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले तीन महीनों के भीतर इन्हें नगर निगमों और नगर परिषदों को सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय सफाईकर्मियों को मशीनों के संचालन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक के जरिए सुरक्षित तरीके से सफाई कार्य कर सकें।

जयपुर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 12 मशीनें

शहरों की आबादी और सीवर नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए मशीनों का वितरण किया गया है।

  • जयपुर – 12 मशीनें
  • कोटा – 10 मशीनें
  • जोधपुर – 10 मशीनें
  • बीकानेर – 7 मशीनें
  • अजमेर – 6 मशीनें
  • सीकर – 5 मशीनें
  • उदयपुर, भीलवाड़ा, अलवर और पाली – 3-3 मशीनें

इसके अलावा श्रीगंगानगर, किशनगढ़, ब्यावर, हनुमानगढ़, धौलपुर, चूरू, चित्तौड़गढ़, हिंडौन, नागौर, भिवाड़ी, बूंदी, सुजानगढ़ और लक्ष्मणगढ़ समेत कई शहरों को दो-दो मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।

वहीं टोंक, गंगापुर सिटी, बारां, जैसलमेर, भीनमाल, भादरा, झालरापाटन, श्रीमाधोपुर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, भरतपुर और बांसवाड़ा को एक-एक रोबोटिक मशीन मिलेगी।

क्या है 3-इन-1 रोबोटिक मशीन की खासियत?

नई मशीन एक ही वाहन पर आधारित आधुनिक सिस्टम है, जिसमें तीन प्रमुख तकनीकें शामिल हैं—

  • हाई-प्रेशर जेटिंग सिस्टम: सीवर लाइन में जमा कचरा, प्लास्टिक और मलबे को तेज पानी के दबाव से साफ करेगा।
  • पावरफुल सक्शन सिस्टम: गाद, कीचड़ और गंदे पानी को सीधे टैंक में खींचकर बाहर निकालेगा।
  • रोबोटिक कैमरा और आर्म: मैनहोल के अंदर उतरकर पाइपलाइन की स्थिति, टूट-फूट और गैसों की मौजूदगी का लाइव वीडियो ऑपरेटर तक पहुंचाएगा।

मोबाइल ऐप से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार किया गया है। इसके माध्यम से अधिकारी यह देख सकेंगे कि किस शहर और किस वार्ड में मशीन काम कर रही है। हर सफाई कार्य की डिजिटल रिपोर्ट भी स्वतः तैयार होगी, जिससे कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

'सफाईकर्मी की जान जोखिम में नहीं आने देंगे'

स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन ने कहा कि राजस्थान में पहली बार इतनी उन्नत 3-इन-1 रोबोटिक सीवर सफाई मशीनें लाई जा रही हैं। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाना नहीं, बल्कि सफाईकर्मियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है। इस पहल से मैनहोल में उतरकर सफाई करने की जरूरत काफी हद तक समाप्त होगी और हादसों की आशंका भी कम होगी।