राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय महेश मीणा की संदिग्ध मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बेटे की मौत को सामान्य मानने से इनकार करते हुए पिता ने खुद घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले और पुलिस के सामने सबूत पेश किए। CCTV फुटेज से खुली पोल के बाद पुलिस ने मर्ग जांच को हत्या के मुकदमे में तब्दील कर पत्नी और उसके तीन साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दवाई दिलाने निकला था, सड़क किनारे मिला बेसुध

महेश विश्वकर्मा इलाके में लोहे की चद्दर बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी शिवदासपुरा निवासी कविता मीणा से हुई थी। 5 अगस्त को महेश अपनी पत्नी कविता को दवाई दिलाने बाइक से निकला था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। इसके बाद कविता ने महेश के छोटे भाई मनीष को फोन कर बताया कि महेश की तबीयत अचानक खराब हो गई है और वह विश्वकर्मा की 14 नंबर पुलिया के पास है। परिजन मौके पर पहुंचे तो महेश सड़क किनारे अचेत पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

CCTV फुटेज ने खोली बहू की मनगढ़ंत कहानी

घटना के बाद मृतक के पिता बाबूलाल मीणा ने सच्चाई जानने के लिए घटनास्थल और आसपास के रास्तों के CCTV कैमरे खंगाले। कविता ने दावा किया था कि तबीयत बिगड़ने पर उसने महेश को बाइक पर पीछे बैठाकर खुद से बांधा और अकेले घर लाने की कोशिश की थी। लेकिन CCTV फुटेज में कविता की बताई कहानी झूठी निकली। फुटेज में कविता के साथ अन्य संदिग्ध लोग भी मौके पर पहुंचते नजर आए।

जहर देकर मारने की साजिश का आरोप, 3 परिचितों के नाम आए सामने

जांच में कविता के तीन परिचितों—गणेश, अजय मीणा और गोलू प्रजापत की भूमिका सामने आई है। पिता बाबूलाल मीणा का आरोप है कि बहू कविता ने इन तीनों के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश रची और महेश को कथित तौर पर जहर देकर उसकी जान ले ली।

विश्वकर्मा थाना पुलिस ने पिता की शिकायत और CCTV साक्ष्यों के आधार पर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब फुटेज और कॉल डिटेल्स की तकनीकी जांच कर आरोपियों की भूमिका की पुष्टि में जुटी है।