भारतीय ग्रैंडमास्टर Vaishali Rameshbabu ने शतरंज की दुनिया में इतिहास रच दिया है। उन्होंने FIDE विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीतकर पहली भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया, जो यह टूर्नामेंट जीतने में सफल रही है। इस जीत के साथ ही अब वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन Ju Wenjun को चुनौती देंगी।

फाइनल राउंड में दमदार जीत

साइप्रस के कैप सेंट जॉर्ज होटल में खेले गए आखिरी राउंड में वैशाली ने सफेद मोहरों से खेलते हुए रूस की अनुभवी खिलाड़ी कैटरिना लग्नो को हराया।

लग्नो ने सिसिलियन डिफेंस (ड्रैगन वेरिएशन) खेलते हुए मजबूत बचाव की कोशिश की, लेकिन वैशाली ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए यूगोस्लाव अटैक खेला। शुरुआत से ही उन्होंने किंग साइड पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और खेल पर पकड़ मजबूत कर ली।

करीब 16वीं चाल तक ही वैशाली को स्पष्ट बढ़त मिल चुकी थी। इसके बाद उन्होंने धैर्य के साथ खेलते हुए विरोधी की गलतियों का फायदा उठाया और 48वीं चाल पर लग्नो ने हार मान ली।

आखिरी राउंड तक चला कड़ा मुकाबला

टूर्नामेंट बेहद रोमांचक रहा। आखिरी राउंड से पहले वैशाली और कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा 7.5 अंकों के साथ बराबरी पर थीं।

लेकिन निर्णायक मोड़ तब आया जब असौबायेवा का मुकाबला भारत की दिव्या देशमुख से ड्रॉ रहा। इसी परिणाम ने वैशाली को बढ़त दिला दी और वह चैंपियन बन गईं।

धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी

वैशाली इस टूर्नामेंट में सबसे कम रेटिंग वाली खिलाड़ियों में से एक थीं। उन्होंने शुरुआत में पहले चार मुकाबले ड्रॉ खेले और पांचवें में हार का सामना किया।

लेकिन इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।

एक दशक बाद चीनी दबदबे को चुनौती

साल 2016 के बाद से विमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप पर चीन का दबदबा रहा है। ऐसे में वैशाली पिछले 10 सालों में पहली खिलाड़ी बनी हैं जो इस प्रभुत्व को चुनौती देंगी।

अब उनका मुकाबला मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन से होगा, जो शतरंज की दुनिया का बेहद बड़ा और ऐतिहासिक मैच माना जा रहा है।

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट क्या है?

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज का सबसे अहम क्वालिफाइंग इवेंट है, जो तय करता है कि वर्ल्ड चैंपियन को अगला चुनौती देने वाला खिलाड़ी कौन होगा।

  • इसमें दुनिया के टॉप 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं
  • राउंड-रॉबिन फॉर्मेट (14 राउंड) में खेला जाता है
  • हर जीत पर 1 अंक और ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलता है
  • सबसे ज्यादा अंक वाला खिलाड़ी विजेता बनता है

यह टूर्नामेंट वर्ल्ड चैंपियनशिप का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।

भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक पल

वैशाली की यह जीत भारत के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय शतरंज लगातार ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है, और अब महिला वर्ग में भी भारत ने दुनिया को बड़ी चुनौती दी है।

अब सभी की नजरें उनके अगले मुकाबले पर हैं, जहां वह वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देंगी।