राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद सियासी पारा पूरी तरह से गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए गहलोत ने दावा किया कि चुनाव में हार का सामना करने के बाद, भाजपा अब किसी भी कीमत पर अपना मेयर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन का अनुचित इस्तेमाल कर रही है।
10 में से 4 नगर निगमों में भाजपा को मिली शिकस्त
पूर्व सीएम ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि प्रदेश के 10 नगर निगमों में हुए चुनाव में से 4 प्रमुख जगहों— पाली, बीकानेर, अजमेर और भरतपुर नगर निगम में भाजपा को करारी हार का मुंह देखना पड़ा है।
जोधपुर और अलवर में पार्षदों को धमकाने का आरोप
गहलोत ने आरोप लगाया है कि चार जगह हारने के बाद अब भाजपा जोधपुर और अलवर में अनैतिक हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस के माध्यम से निर्दलीय और कांग्रेस पार्षदों को डराया-धमकाया जा रहा है ताकि वे भाजपा के पक्ष में मतदान करें। गहलोत ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखे हुए है और इसे बेहद गंभीरता से ले रही है।
'सरकारी मशीनरी और सीएम के रोड शो भी रहे बेअसर'
भाजपा की चुनावी रणनीति पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि सत्ताधारी दल ने चुनाव जीतने के लिए हर संभव प्रयास किए। मनमाने तरीके से वार्डों का परिसीमन किया गया, पूरी सरकारी मशीनरी का जमकर इस्तेमाल हुआ और खुद मुख्यमंत्री ने कई रोड शो किए। लेकिन इन तमाम कोशिशों के बावजूद जनता ने उन्हें नकारते हुए निकाय चुनावों में हार का रास्ता दिखा दिया।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी: 'जवाबदेही तय की जाएगी'
पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस और जिला प्रशासन से अपील की है कि वे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में न आएं और अपनी भूमिका पूरी तरह से निष्पक्ष रखें। उन्होंने प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी अधिकारी ऐसे पक्षपातपूर्ण और अनुचित कृत्यों में लिप्त पाया जाता है, तो उसकी जवाबदेही जरूर तय की जाएगी। गहलोत ने स्पष्ट किया कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पुलिस का ऐसा दबाव और अनुचित हस्तक्षेप कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।