अजमेर के आदर्शनगर थाना क्षेत्र के माखुपुरा गांव में गुरुवार मध्यरात्रि को एक युवक ने धारदार तलवार से अपने परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में आरोपी की पत्नी, 5 वर्षीय बेटी, 11 वर्षीय बेटा, मां, भाई और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जवाहर लाल नेहरू (JLN) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, माखुपुरा निवासी राजेंद्र सिंह रावत उर्फ केजीएफ ने गुरुवार देर रात अपनी पत्नी सरिता (28) के पास सो रही 5 वर्षीय बेटी एंजल पर तलवार से वार किया, जिससे उसकी नाक और मुंह कट गया। सरिता के चीखने पर आरोपी ने उस पर और 11 वर्षीय बेटे प्रिंस पर ताबड़तोड़ हमला किया। सरिता के सिर और दोनों हाथों पर गहरे घाव लगे। शोर सुनकर बीच-बचाव करने आईं राजेंद्र की मां गीतादेवी (54) और भाभी रिंकू (30) पर भी उसने तलवार से हमला किया।

आरोपी ने अपने बड़े भाई खेमसिंह (32) पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन खेमसिंह ने चचेरे भाई गोगसिंह की मदद से राजेंद्र को रस्सी से बांधकर काबू किया। सूचना पर आदर्शनगर थानाप्रभारी छोटेलाल मीणा और पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा। घायलों को तुरंत JLN अस्पताल ले जाया गया।

गंभीर घायलों का अस्पताल में इलाज

JLN अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नेपो विद्यार्थी ने बताया कि एंजल की नाक कटने और जबड़े में फ्रैक्चर होने के कारण उनकी प्लास्टिक सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है। सर्जरी में डॉ. महावीर, डॉ. पूजा, डॉ. बीना ठाडा, डॉ. कुलदीप, डॉ. रिया, डॉ. लवीना और नर्सिंग ऑफिसर नेहा व पूजा ने सहयोग किया। सरिता, गीतादेवी और रिंकू की हालत भी गंभीर बनी हुई है।

आरोपी राजेंद्र को भी चोटें आने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका पुलिस निगरानी में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हमले के समय राजेंद्र नशे में था।

भोपागिरी और तंत्र-मंत्र का शक

पुलिस जांच में सामने आया कि राजेंद्र गांव में तंत्र-मंत्र, भोपागिरी और झाड़-फूंक का काम करता था। उसके कमरे में पूजा का पट्टा, कमंडल, नारियल और अन्य पूजा सामग्री बिखरी मिली। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि भोपागिरी में सिद्धि पाने के लिए उसने अपनी बेटी पर तलवार से हमला किया, लेकिन परिवार वालों के बीच-बचाव करने से मामला बिगड़ गया। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।

घटनास्थल पर खून के निशान

शुक्रवार को पुलिस, FSL और MOB की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। राजेंद्र के घर में कमरे से लेकर छत तक खून फैला था। हमले के दौरान सरिता जान बचाने के लिए छत पर भागी थी, जिससे सीढ़ियों और छत पर भी खून के निशान मिले।

आदर्शनगर थानाप्रभारी छोटेलाल मीणा ने बताया कि खेमसिंह की शिकायत पर राजेंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।