बिहार के गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहलाने वाली घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक ग्रामीण डॉक्टर, जितेंद्र यादव, जो एक बलात्कार पीड़िता की मां का इलाज करने उनके घर पहुंचे थे, को गांव के कुछ दबंगों ने पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीट दिया। इस हमले में डॉक्टर बुरी तरह घायल हो गए और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें डॉक्टर को खून से लथपथ और पेड़ से बंधा हुआ देखा जा सकता है।

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब डॉक्टर जितेंद्र यादव को रेप पीड़िता की मां मीणा देवी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। पीड़िता के परिवार ने बताया कि वर्ष 2021 में गांव के तीन लोगों ने रेप की घटना को अंजाम दिया था, जिसका मुकदमा अभी कोर्ट में चल रहा है। 30 मई 2025 को इस मामले में गया कोर्ट में गवाही हुई थी, जिसके बाद एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

आरोपियों और उनके समर्थकों द्वारा पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी बीच, मंगलवार को जब डॉक्टर जितेंद्र यादव पीड़िता के घर इलाज के लिए पहुंचे, तो 8-10 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने पहले घर पर ही उनकी पिटाई शुरू की और फिर उन्हें पास के एक पेड़ से बांधकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। इस दौरान गांव के कुछ लोग तमाशबीन बने रहे।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने डायल 112 के माध्यम से मौके पर पहुंचकर डॉक्टर को बचाया और उन्हें मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "बिहार में तालिबान से भी बदतर स्थिति है। गया जिले में बलात्कार पीड़िता की मां का इलाज करने गए डॉक्टर को आरोपियों ने पेड़ से बांधकर पीट-पीट कर खून से लथपथ कर दिया। 20 वर्षों की भ्रष्ट एनडीए सरकार में पुलिस और प्रशासन अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम है।"