सीकर, राजस्थान: सपनों की नगरी मुंबई में बॉलीवुड स्टार बनने की चाहत में एक 15 साल का नाबालिग छात्र घर से भाग गया। यह घटना सीकर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र की है, जहां दसवीं कक्षा पढ़ने वाला यह छात्र JEE और NEET की फाउंडेशन कोचिंग कर रहा था। मात्र एक हजार रुपए जेब में रखकर वह 9 जनवरी की देर रात घर से निकला और सीधे मुंबई की ट्रेन पकड़ ली।

घर से कैसे निकला और मुंबई तक का सफर

पुलिस के अनुसार, नाबालिग छात्र 9 जनवरी की रात करीब 3 बजे घर से मॉर्निंग वॉक के बहाने निकला। उसके पास सिर्फ 1000 रुपए थे। सुबह होते ही वह सीकर रेलवे स्टेशन पहुंचा और 10 जनवरी सुबह 6:50 बजे अमरापुर अरावली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गया। लगभग 24 घंटे के सफर के बाद 11 जनवरी सुबह करीब 6 बजे वह मुंबई पहुंच गया।

मुंबई पहुंचते ही उसके सामने सबसे पहले पेट की भूख आई। उसने सुना था कि मुंबई में वड़ापाव बहुत सस्ता और स्वादिष्ट मिलता है। इसलिए उसने वड़ापाव ही खाकर अपना पेट भरा। दो-तीन दिनों तक इसी तरह उसने गुजारा किया – कभी पब्लिक प्लेस पर सोया, कभी इधर-उधर घूमता रहा। रातें खुले में बिताईं और दिन में सपनों को पूरा करने की प्लानिंग करता रहा। उसका मानना था कि मुंबई पहुंचते ही वह एक्टर बन जाएगा और जल्द ही पॉपुलर हो जाएगा।

पैसे खत्म होने पर दोस्त को किया कॉल, फिर शुरू हुई तलाश

तीन-चार दिनों बाद जब 1000 रुपए खत्म हो गए, तो उसने अपने दोस्त को फोन किया और पैसे मांगने की कोशिश की। दोस्त ने इस बात की जानकारी उसके पिता को दी। पिता ने तुरंत उद्योग नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में पिता ने बताया कि बेटा कहीं चला गया है और उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।

पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। SHO राजेश कुमार बुडानिया के नेतृत्व में टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर लोकेशन ट्रेस की। आखिरकार 14 जनवरी की शाम को मुंबई के जुहू इलाके में नाबालिग को ढूंढ लिया गया। 15 जनवरी को पुलिस उसे सुरक्षित सीकर वापस लाई और परिजनों के हवाले कर दिया। कुल मिलाकर घर से निकलने के करीब 6 दिन बाद वह घर लौटा।

परिवार की पृष्ठभूमि

यह छात्र मूल रूप से कोटपूतली-बहरोड़ का रहने वाला है। वर्तमान में वह अपनी मां और बहन के साथ सीकर में किराए के मकान में रहता है। उसके पिता एक टीचर हैं। परिवार ने बताया कि बच्चा पढ़ाई में अच्छा था और कोचिंग में JEE-NEET की तैयारी कर रहा था, लेकिन फिल्मों और एक्टिंग का शौक इतना गहरा था कि उसने यह बड़ा कदम उठा लिया।

पुलिस की अपील

मामले की जांच के बाद पुलिस ने सभी अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि कोई भी ऐसा कदम न उठाएं जिससे परिवार को परेशानी हो। SHO ने कहा, "बच्चों को सपने देखने की आजादी है, लेकिन बिना परिवार की जानकारी के ऐसे रिस्क भरे फैसले लेना खतरनाक हो सकता है। मुंबई जैसी जगह में अकेला नाबालिग कई मुश्किलों का सामना कर सकता है।"