प्रदेश में मौसम इन दिनों दोहरे रंग दिखा रहा है। एक तरफ जहां पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में बदरा मेहरबान हैं, वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई इलाके भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज प्रदेश के 29 जिलों में तेज बारिश को लेकर यलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है।

16 सितंबर तक मेहरबान रहेगा मानसून

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठा लो-प्रेशर सिस्टम वर्तमान में दक्षिणी छत्तीसगढ़ और उसके आसपास सक्रिय है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिमी दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन जैसलमेर, कोटा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। इसके प्रभाव से आगामी 16 सितंबर तक राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है।

उदयपुर में जमकर बरसे बदरा, जोधपुर में एक महीने बाद फुहारें

बीते 24 घंटों के बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 46MM बारिश चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में रिकॉर्ड की गई है। शनिवार को जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। उदयपुर संभाग में लगभग 2 इंच तक पानी बरसा। इसके अलावा बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़, राजसमंद और अजमेर सहित करीब 15 जिलों में एक इंच तक बारिश दर्ज की गई। वहीं, सूखे की मार झेल रहे जोधपुर और आसपास के इलाकों में करीब एक महीने के लंबे इंतजार के बाद हल्की राहत की बूंदें गिरी हैं।

राजधानी जयपुर में बारिश से लौटी ठंडक

शनिवार को राजधानी जयपुर के कई इलाकों (शास्त्री नगर, बनीपार्क, जेएलएन मार्ग) में तेज हवाओं के साथ हुई हल्की बारिश ने मौसम खुशनुमा कर दिया। इस बारिश से जयपुर के अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा 33.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।

पश्चिमी राजस्थान में लू जैसे हालात, बाड़मेर-जैसलमेर 40 पार

पूर्वी राजस्थान में जहां बारिश से राहत है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में पश्चिमी हवाएं (Western Winds) स्ट्रॉन्ग हो गई हैं। इससे इन इलाकों में भयंकर गर्मी पड़ रही है। शनिवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री और जैसलमेर में 40.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह के अंत तक पश्चिमी जिलों से मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो सकता है।

सीजन में अब तक 26 फीसदी बारिश की कमी

भले ही अगस्त के अंत और सितंबर में बारिश का दौर फिर से एक्टिव हुआ हो, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में अभी भी सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 410.1MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस सीजन में अब तक केवल 304.9MM बारिश ही दर्ज की गई है। यह सामान्य से 26 प्रतिशत कम है।