राजस्थान के बारां जिले में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। कवाई-अटरू मार्ग पर करीब 12:30 बजे एक बेकाबू ट्रेलर और कार के बीच हुई सीधी भिड़ंत में कार सवार सरकारी डॉक्टर दंपती और उनके दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के पूरी तरह परखच्चे उड़ गए और पूरा परिवार पल भर में खत्म हो गया।
भीलवाड़ा में तैनात था डॉक्टर दंपती
हादसे का शिकार हुआ यह परिवार चिकित्सा सेवा से जुड़ा था। मृतक डॉ. सुरेश गजराज भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ उपजिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) के पद पर सेवाएं दे रहे थे। उनकी पत्नी डॉ. शालिनी मौर्य की पोस्टिंग भी मांडलगढ़ के इसी सरकारी अस्पताल में थी।
जानकारी के अनुसार, परिवार मंगलवार सुबह बारां से छबड़ा की ओर जा रहा था, तभी कवाई-अटरू मार्ग पर सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी कार को बुरी तरह रौंद दिया। हादसे में डॉ. सुरेश, डॉ. शालिनी के साथ-साथ उनके 12 वर्षीय बेटे स्वप्निल और 7 वर्षीय बेटी नीलिशा ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया।
धमाके जैसी आवाज सुन दौड़े ग्रामीण, काटकर निकाले शव
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक्सीडेंट के वक्त एक जोरदार धमाका सुनाई दिया, जिसके बाद लोग मौके की तरफ दौड़े। घटनास्थल का मंजर बेहद खौफनाक था। दोनों मासूम बच्चों के शव कार के अगले हिस्से में बुरी तरह फंस गए थे। बाद में क्रेन और गैस कटर की मदद से गाड़ी के हिस्से को काटकर दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकाला जा सका।
मूल रूप से झुंझुनूं का रहने वाला था परिवार
कवाई थाना प्रभारी राजपाल सिंह यादव ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। मृतक परिवार मूल रूप से झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ इलाके का रहने वाला था और वर्तमान में जयपुर में रह रहा था।
फिलहाल सभी चारों शवों को अटरू अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद आरोपी ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रेलर को जब्त कर लिया है और फरार ड्राइवर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और गाड़ी के नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान के प्रयास जारी हैं।