अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO समिट के दौरान ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका अब तेहरान के साथ किसी भी तरह की नई डील नहीं करेगा। ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ईरान की ओर से किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई होती है तो अमेरिका उसका और अधिक ताकत के साथ जवाब देगा।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना ने पिछली रात ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की और कई खतरनाक ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि भविष्य में वह वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा न बन सके।
NATO पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में ट्रम्प ने NATO देशों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गठबंधन ने "दुनिया के सबसे बड़े आतंक समर्थक देश" ईरान के खिलाफ अमेरिका का पर्याप्त साथ नहीं दिया। ट्रम्प ने संकेत दिए कि अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अकेले भी कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट
1. होर्मुज में तीन टैंकरों पर हमला
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिनमें एक टैंकर कतर का बताया गया है। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि उसके निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन नहीं किया गया तो जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसकी नहीं होगी।
2. कतर ने ईरान की कार्रवाई की निंदा की
कतर ने अपने जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। कतर का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
3. अमेरिका से बातचीत पर ईरान का इनकार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकियों और सैन्य दबाव के माहौल में अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका को अपने पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा, तभी किसी नई वार्ता पर विचार किया जा सकता है।
4. खामेनेई के जनाजे में उमड़ी लाखों की भीड़
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दूसरे दिन कोम शहर में लाखों लोग शामिल हुए। कई लोगों ने ताबूत पर लाल कपड़ा चढ़ाया, जिसे बदले और प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता है।
5. पार्थिव शरीर इराक के नजफ पहुंचा
कई दिनों तक चली अंतिम यात्रा और धार्मिक रस्मों के बाद अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर विशेष विमान से इराक के पवित्र शहर नजफ पहुंचाया गया, जहां अंतिम धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
अमेरिका के ताजा हमलों, ट्रम्प के कड़े बयान और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बाद मध्य पूर्व में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।