ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए देशभर में शोक का माहौल है। राजधानी तेहरान में शुरू हुए राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अगले तीन दिनों में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा जनसमूह माना जा रहा है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। पाकिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान और जॉर्जिया सहित कई देशों के शीर्ष नेता तेहरान पहुंचे हैं। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए हैं।
करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अभूतपूर्व तैयारियां
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं। भोजन की व्यवस्था के लिए 5 करोड़ रोटियां तैयार की जा रही हैं और 16 मोबाइल बेकरी तैनात की गई हैं। गर्मी से राहत देने के लिए 6,000 से अधिक वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं।
चिकित्सा सुविधाओं के तहत 2,500 एम्बुलेंस, 21 हेलीकॉप्टर, 100 ड्रोन, 24 से अधिक अस्पताल और 5 लाख लीटर IV फ्लूइड की व्यवस्था की गई है। तेहरान में ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। श्रद्धालुओं के लिए 700 से अधिक पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जबकि सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।
पांच धार्मिक शहरों से गुजरेगी अंतिम यात्रा
आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला और मशहद जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों से होकर गुजरेगी। 9 जुलाई को उन्हें उनके पैतृक शहर मशहद स्थित इमाम रजा की दरगाह के निकट सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ईरानी मीडिया के अनुसार, यही उनकी अंतिम इच्छा भी थी।
सऊदी अरब की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
अंतिम संस्कार समारोह में सऊदी अरब के डिप्टी विदेश मंत्री का बिना पूर्व घोषणा के तेहरान पहुंचना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। पहले जारी विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सूची में सऊदी अरब का नाम शामिल नहीं था। हालांकि ओमान और कतर के प्रतिनिधियों की भागीदारी पहले से तय थी।
कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धांजलि
तेहरान में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। सेना और पुलिस की भारी तैनाती के बीच लाखों लोग ग्रैंड मोसल्ला पहुंचकर अपने दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं। शिया परंपरा के अनुसार श्रद्धालु मातम मनाते हुए धार्मिक नारों के साथ अंतिम विदाई दे रहे हैं। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की है ताकि समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
ईरान के लिए यह अंतिम संस्कार केवल एक शोक समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक उपस्थिति का भी बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।