राजधानी जयपुर के प्रताप नगर में 3 जुलाई को हुई महिला की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआती जांच में सड़क हादसा लग रही यह घटना दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस के अनुसार मृतका की बेटी ने प्रॉपर्टी और पिता की मृत्यु के बाद मिलने वाली नौकरी हासिल करने के लिए अपने जेठ के साथ मिलकर मां की हत्या की साजिश रची। हत्या के लिए 7 लाख रुपये की सुपारी दी गई और तेज रफ्तार SUV से महिला को कुचलकर वारदात को अंजाम दिया गया।
मामले में पुलिस ने मृतका की बेटी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल एक आरोपी अभी फरार है। वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली गई है।
बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं महिला
डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा के अनुसार मृतका नीरज शर्मा (45) प्रताप नगर के रविंद्र नगर की रहने वाली थीं। उनके पति विजय कुमार शर्मा का एक वर्ष पहले निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा के आधार पर एलडीसी की नौकरी मिली थी। वह अपने 16 वर्षीय बेटे के साथ रहती थीं।
3 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे वह बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार SUV ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार वाहन की गति करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला करीब 100 फीट दूर जा गिरी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।
CCTV फुटेज से खुली साजिश की परतें
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में तेज रफ्तार SUV महिला को टक्कर मारते हुए दिखाई दी। मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने पहले ही अपनी भांजी और ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या का शक जताते हुए मामला दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बहन ने पहले भी प्रॉपर्टी को लेकर विवाद और जान से मारने की धमकियों की जानकारी दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश का खुलासा किया।
बेटी ने जेठ के साथ मिलकर रची हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका की बेटी आयुषी पिछले दो-तीन वर्षों से मां के साथ प्रॉपर्टी और नौकरी को लेकर विवाद में थी। पिता की मृत्यु के बाद वह खुद अनुकंपा नियुक्ति चाहती थी, लेकिन नौकरी मां को मिल गई। इसी रंजिश में उसने अपने जेठ के साथ मिलकर मां की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार आयुषी, उसके रिश्तेदार बलराम उर्फ रवि और मोहन स्वरूप ने मिलकर हेमंत नामक युवक को 7 लाख रुपये की सुपारी दी। पहले एक थार वाहन से वारदात की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद करीब एक महीने तक महिला की गतिविधियों की रेकी की गई और आखिरकार स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई।
लगातार होती रही रेकी, फिर वारदात को दिया अंजाम
जांच में सामने आया कि आरोपी महिला की दिनचर्या पर लगातार नजर रख रहे थे। वारदात वाले दिन महिला के आने-जाने की सूचना आरोपियों तक पहुंचाई जा रही थी। तय योजना के अनुसार तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से महिला को कुचल दिया गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस ने वाहन को बरामद कर लिया।
सात आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस ने इस मामले में मृतका की बेटी आयुषी, मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, साजिश में शामिल बलराम उर्फ रवि की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।