जोधपुर/लूणी। पुणे में सामने आए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी के रूप में गिरफ्तार किए गए चेतन चौधरी का संबंध जोधपुर जिले के लूणी क्षेत्र के पालासनी गांव से होने की जानकारी सामने आने के बाद गांव में हैरानी और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस युवक को वे सामान्य और शांत स्वभाव का जानते थे, उसका नाम इतने गंभीर मामले में आने की बात उनके लिए विश्वास करना मुश्किल है।
पुणे में बीता बचपन, गांव से बना रहा जुड़ाव
ग्रामीणों के मुताबिक चेतन चौधरी का परिवार मूल रूप से पालासनी गांव से जुड़ा हुआ है, लेकिन उसका अधिकांश जीवन पुणे में ही बीता। उसके पिता बाबूलाल चौधरी लंबे समय से पुणे में कारोबार करते हैं। परिवार का गांव आना-जाना सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान बना रहा।
परिवार की गांव में रही अलग पहचान
पालासनी के लोगों के अनुसार चौधरी परिवार गांव में सामाजिक कार्यों और धार्मिक आयोजनों में सहयोग के लिए जाना जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार ने कई मौकों पर गांव के आयोजनों में भागीदारी की है, इसलिए इस मामले में नाम आने के बाद लोग ज्यादा हैरान हैं।
ग्रामीणों ने बताया- व्यवहार में नहीं दिखी कभी परेशानी
गांव के लोगों का कहना है कि चेतन जब भी पालासनी आता था तो दोस्तों के साथ समय बिताता था और सामान्य तरीके से रहता था। ग्रामीणों के अनुसार उसे क्रिकेट खेलने का शौक था और वह किसी विवाद या झगड़े में शामिल नहीं रहा।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
चेतन चार बहनों का इकलौता भाई बताया जा रहा है। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार इस घटना के बाद परिजन सदमे में हैं। गांव में भी लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
दोस्तों के दावे भी चर्चा में
कुछ लोगों ने बताया कि चेतन कुछ समय पहले एक युवती के साथ जोधपुर आया था और शहर के प्रमुख स्थानों पर घूमने की बात सामने आई है। हालांकि इस संबंध में परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पालासनी में एक ही सवाल- आखिर हुआ क्या?
हत्याकांड में चेतन का नाम आने के बाद पालासनी गांव में यही चर्चा है कि सामान्य नजर आने वाला युवक आखिर ऐसे मामले तक कैसे पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।