सीकर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश में हाल ही में हुए शिक्षकों के तबादलों को लेकर भाजपा सरकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया पर तीखा हमला बोला। गुरुवार को सीकर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से शिक्षकों के तबादले कर रही है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में करीब 85 प्रतिशत शिक्षकों का तबादला प्रशासनिक आधार पर किया गया है, जो पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है।

डोटासरा ने कहा कि किसी भी सरकार में तबादले होना सामान्य प्रक्रिया है। जो कर्मचारी अपनी इच्छा से तबादला चाहते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। वहीं प्रशासनिक आधार पर तबादले केवल तब किए जाने चाहिए, जब किसी स्कूल में किसी विषय के शिक्षक की कमी हो या अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूल में शिक्षक की आवश्यकता हो। लेकिन वर्तमान सरकार में प्रिंसिपल, लेक्चरर और सेकेंड ग्रेड शिक्षकों के तबादले राजनीतिक द्वेष के चलते किए जा रहे हैं और इसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार भी हुआ है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में जारी सेकेंड ग्रेड शिक्षकों की तबादला सूची में करीब 7 हजार तबादले किए गए हैं। चूरू शिक्षा मंडल में लगभग 400 शिक्षकों के तबादले प्रशासनिक आधार पर हुए, जिनमें अकेले लक्ष्मणगढ़ के 174 शिक्षक शामिल हैं। इनमें से 147 शिक्षकों का तबादला प्रशासनिक आधार पर किया गया, जो कुल तबादलों का लगभग 85 प्रतिशत है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने लक्ष्मणगढ़ के शिक्षकों को विशेष रूप से निशाना बनाया है और उन्हें जानबूझकर दूर-दराज क्षेत्रों में भेजा जा रहा है ताकि उन्हें परेशान और प्रताड़ित किया जा सके।

डोटासरा ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में पहले से ही सेकेंड ग्रेड शिक्षकों के करीब 50 प्रतिशत पद खाली हैं। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है और पूछा है कि क्या यही सरकार की शिक्षा नीति और सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े पैमाने पर पद खाली हैं तो प्रशासनिक आधार पर शिक्षकों का तबादला करने का कोई औचित्य नहीं है।

पीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि या तो मुख्यमंत्री का अपने शिक्षा मंत्री पर नियंत्रण नहीं है या फिर पर्दे के पीछे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस तरह के फैसले प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रताड़ित करना और पीछे से वार करना उनकी पुरानी कार्यशैली रही है।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में तबादलों का सर्वे करा रही है और शिक्षकों से फीडबैक लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि शेखावाटी और जयपुर संभाग में एक हजार से अधिक शिक्षक अपने तबादलों के खिलाफ अदालत से स्थगन आदेश (स्टे) ले चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने तबादलों के दौरान कैंसर पीड़ितों, पति-पत्नी प्रकरण और अन्य मानवीय आधारों की भी अनदेखी की है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने कहा कि उनकी राजनीति हमेशा से लोगों को प्रताड़ित करने, परेशान करने और उन्हें अपना गुलाम बनाकर रखने की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महरिया पहले भी लोगों को धमकाते थे कि उन्हें बाड़मेर या जैसलमेर भेज देंगे। डोटासरा ने कहा कि तबादले करना गलत नहीं है, लेकिन राजनीतिक द्वेष और दबाव की भावना से किए गए तबादले पूरी तरह गलत हैं।

उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं शिक्षा मंत्री थे, तब राजस्थान में प्रशासनिक आधार पर केवल 2 से 4 प्रतिशत तक ही तबादले किए जाते थे। अंत में उन्होंने प्रदेश के शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी और अन्याय के खिलाफ उनके साथ खड़ी रहेगी।