लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कथित विदेश दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक बार फिर उन पर राजनीतिक हमला बोला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में राहुल गांधी को 'Missing' (लापता) बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए बीजेपी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और राजनीतिक सक्रियता को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी को लेकर कई पोस्ट साझा किए। उन्होंने राहुल गांधी को 'गुमशुदा', 'राहुल बाबा' और 'Leader of Tourism' जैसे शब्दों से संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि जब भी संसद का सत्र, पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकें या देश के अहम राजनीतिक अवसर आते हैं, राहुल गांधी विदेश दौरे पर चले जाते हैं।

मोदी और राहुल गांधी की कार्यशैली की तुलना

एक वीडियो संदेश में शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की कार्यशैली की तुलना भी की। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में करीब 9,000 दिनों से लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर महत्वपूर्ण राजनीतिक मौकों पर विदेश में रहते हैं।

विदेशी दौरों को लेकर लगाए सवाल

बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने विदेशी दौरों पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन इन यात्राओं और खर्चों का कोई सार्वजनिक विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी एक बार फिर विदेश गए हैं और आगामी संसदीय गतिविधियों के दौरान भी उनके अनुपस्थित रहने की संभावना है।

हालांकि, बीजेपी की ओर से लगाए गए इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार

दिल्ली में लगाए गए 'Missing' पोस्टरों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किस संगठन या व्यक्ति की ओर से लगाए गए हैं। बीजेपी नेताओं ने इन्हें राहुल गांधी की कथित अनुपस्थिति से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।

वहीं, राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर कांग्रेस या स्वयं राहुल गांधी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि राहुल गांधी किस उद्देश्य से विदेश गए हैं या वह कब तक भारत लौटेंगे।

ऐसे में यह मुद्दा एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। अब सभी की नजर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और राहुल गांधी के अगले सार्वजनिक बयान पर टिकी हुई है।