मंत्री के सामने फूट-फूटकर रोई नर्स

जोधपुर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जोधपुर दौरे के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत एक स्टाफ नर्स ट्रांसफर की मांग को लेकर मंत्री के पैरों में गिरकर रोने लगी। नर्स बार-बार अपनी परेशानी बताते हुए ट्रांसफर की गुहार लगाती रही। इस दौरान मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य अधिकारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया।

शिकायत पत्र देकर लगाई गुहार

जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स सुनीता चौधरी शनिवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के कार्यक्रम में पहुंची। जैसे ही मंत्री अस्पताल परिसर में पहुंचे, सुनीता चौधरी उनके पास पहुंची और अपना शिकायत पत्र सौंप दिया।

इसके बाद वह भावुक हो गई और रोते हुए मंत्री के पैरों में गिर गई। उसने कहा कि वह लंबे समय से परेशान है और उसका ट्रांसफर करवा दिया जाए। मंत्री ने उसे आश्वस्त करते हुए कहा कि उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी बात दोहराती रही।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने भी समझाया

इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने नर्स को ढांढस बंधाते हुए शांत रहने और समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। काफी देर तक समझाने के बाद नर्स शांत हुई।

बताया जा रहा है कि सुनीता चौधरी वर्ष 2020 से महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत है और लंबे समय से स्थानांतरण की मांग कर रही है।

एसएन मेडिकल कॉलेज में हुआ विरोध प्रदर्शन

इससे पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर एसएन मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां संविदा नर्सिंगकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

नर्सिंगकर्मी मंत्रियों को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान नर्सिंगकर्मियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई।

संविदा कर्मियों ने उठाई सेवाएं बहाल करने की मांग

प्रदर्शनकारी नर्सिंगकर्मियों का कहना था कि 21 मार्च को मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कार्यरत करीब 600 संविदा नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। वे लंबे समय से अपनी सेवाएं बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

धरने में शामिल प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पहले उन्हें मंत्रियों से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें मिलने से रोक दिया गया।

डेंटल कॉलेज की नई बिल्डिंग का उद्घाटन

जोधपुर दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज की नई बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और अस्पतालों में सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और चर्चाएं हुईं।

सरकारी अस्पतालों पर उठ रहे सवालों का दिया जवाब

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सबसे अधिक गंभीर और इमरजेंसी मरीज आते हैं। ऐसे मरीजों में जोखिम अधिक होता है, इसलिए कभी-कभी दुखद घटनाएं भी सामने आती हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं, मुफ्त इलाज और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करा रही है। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे हुए हैं।

बोले- राजस्थान में मजबूत है स्वास्थ्य नेटवर्क

खींवसर ने कहा कि राजस्थान में सब-सेंटर, पीएचसी, सीएचसी और मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर करीब 23 हजार स्वास्थ्य इकाइयां कार्यरत हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यदि सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं नहीं होतीं तो इतनी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां नहीं आते।

चर्चा में रहा पूरा दौरा

जोधपुर दौरे के दौरान एक ओर जहां नई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन हुआ, वहीं नर्स के भावुक होकर ट्रांसफर की गुहार लगाने और संविदा नर्सिंगकर्मियों के विरोध प्रदर्शन ने भी पूरे कार्यक्रम को चर्चा का विषय बना दिया। दोनों घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को एक बार फिर सामने ला दिया।