प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर 12 बजे राजस्थान के बाड़मेर जिले स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (पचपदरा रिफाइनरी) का लोकार्पण करेंगे। करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना राजस्थान के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश है। इसके शुरू होने के साथ ही प्रदेश ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा।

यह रिफाइनरी न केवल राजस्थान की पहली एकीकृत रिफाइनरी है, बल्कि दुनिया की अत्याधुनिक तकनीकों से लैस संयंत्रों में भी शामिल है। यहां तैयार होने वाला BS-6 मानकों का स्वच्छ ईंधन राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा।

राजस्थान की ऊर्जा जरूरतों को मिलेगा बड़ा सहारा

अब तक बाड़मेर के तेल क्षेत्रों से निकलने वाला कच्चा तेल रिफाइनिंग के लिए गुजरात सहित अन्य राज्यों में भेजा जाता था। पचपदरा रिफाइनरी शुरू होने के बाद यही क्रूड ऑयल राजस्थान में ही प्रोसेस होगा। पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने पर प्रदेश की 60 से 70 प्रतिशत पेट्रोल और डीजल की मांग इसी रिफाइनरी से पूरी हो सकेगी।

पेट्रोकेमिकल उद्योग को मिलेगा नया आधार

रिफाइनरी में केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथिलीन, बेंजीन और टोल्यूनि जैसे उच्च मूल्य के पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इनसे प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और मेडिकल उपकरण उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे राजस्थान में सैकड़ों नए छोटे और बड़े उद्योग स्थापित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

रिफाइनरी की प्रमुख विशेषताएं

  • कुल निवेश: 79,459 करोड़ रुपये
  • क्षमता: 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA)
  • 9 रिफाइनरी यूनिट और 4 पेट्रोकेमिकल यूनिट
  • भारत की पहली एकीकृत BS-6 रिफाइनरी
  • जीरो लिक्विड डिस्चार्ज पर्यावरण तकनीक
  • वार्षिक उत्पादन:
    • पेट्रोल: 10 लाख मीट्रिक टन
    • डीजल: 40 लाख मीट्रिक टन

इन उत्पादों का होगा निर्माण

रिफाइनरी में पेट्रोल, अल्ट्रा लो सल्फर डीजल, एलपीजी, प्रोपलीन, नेफ्था, केरोसिन, गैस ऑयल, पॉलीप्रोपाइलीन, बेंजीन, टोल्यूनि और पेटकोक जैसे उत्पाद तैयार होंगे। इससे राजस्थान देश के प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादन केंद्रों में शामिल हो जाएगा।

चार मेगा पाइपलाइन से होगा संचालन

रिफाइनरी के संचालन के लिए चार प्रमुख पाइपलाइन तैयार की गई हैं।

  • मंगला ऑयल फील्ड से 80 किलोमीटर लंबी क्रूड पाइपलाइन।
  • गुजरात के भोगत टर्मिनल से 575 किलोमीटर लंबी आयातित क्रूड पाइपलाइन।
  • इंदिरा गांधी नहर से 200 किलोमीटर लंबी जल पाइपलाइन।
  • रागेश्वरी गैस टर्मिनल से 80 किलोमीटर लंबी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन।

रिफाइनरी के साथ विकसित हुआ आधुनिक औद्योगिक शहर

रिफाइनरी परिसर के पास 247 एकड़ में आधुनिक टाउनशिप विकसित की गई है। यहां 800 से अधिक आवास, क्लब हाउस, ऑडिटोरियम, खेल परिसर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सोलर पावर सिस्टम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसके अलावा 600 विद्यार्थियों की क्षमता वाला आधुनिक सीबीएसई स्कूल और 50 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल भी तैयार किया गया है, जिसमें आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर, डिजिटल एक्स-रे, पैथोलॉजी लैब और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं रहेंगी।

इन नेताओं की रहेगी मौजूदगी

लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर

पचपदरा रिफाइनरी केवल एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि राजस्थान की औद्योगिक, आर्थिक और रोजगार आधारित विकास यात्रा का नया आधार बनने जा रही है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, स्थानीय उद्योगों को गति मिलेगी और बाड़मेर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।