राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की कार्रवाई तेज होने के साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी हलचल बढ़ गई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं।
सूत्रों के अनुसार, SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों और प्रशासनिक ढांचे को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
SIT ने छह दिन तक की गहन जांच
13 जून को गठित SIT ने 15 से 20 जून के बीच लगातार जांच की। इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और कैश गिनने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की गई।
जांच के दौरान—
- ट्रस्ट के 11 महीने के वित्तीय दस्तावेजों की जांच की गई।
- 100 से अधिक कर्मचारियों से पूछताछ हुई।
- बैंक खातों और लेनदेन का विश्लेषण किया गया।
- मंदिर परिसर में कई घंटे तक साक्ष्य जुटाए गए।
- संदिग्धों के जवाबों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया गया।
23 जून को SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने जांच की समय-सीमा बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी।
मामला कैसे शुरू हुआ?
7 जून को समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के चढ़ावे में 5 से 7.5 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया था। अगले दिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को उठाया और न्यायिक जांच की मांग की।
इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी, जबकि 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित कर जांच शुरू कराई।
25 जून को श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज हुई और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
79 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी
जांच एजेंसियों ने अब तक आरोपियों के पास से करीब 79.85 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
पुलिस बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। भारतीय स्टेट बैंक की कई शाखाओं के कर्मचारियों के खातों का विवरण भी जांच के दायरे में लाया गया है।
ट्रस्ट में आरोप-प्रत्यारोप शुरू
मामले के बीच पहली बार ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने पूर्व निर्माण प्रभारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरी जिम्मेदारी गोपाल राव की है और उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया।
वहीं, अयोध्या और फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया।
6 जुलाई की बैठक पर सबकी नजर
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक अब 6 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित है। सूत्रों का दावा है कि इस बैठक में ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, इस्तीफों और SIT जांच से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
फिलहाल, SIT की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।