भारतीय शेयर बाजार के नियामक सेबी (SEBI) ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 'पंप एंड डंप' (Pump and Dump) मामले में 221 कंपनियों और संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने इन सभी को 7 वर्षों के लिए प्रतिभूति बाजार (Securities Market) से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई बाजार में हेरफेर करने और निवेशकों को गुमराह कर अवैध लाभ कमाने के आरोपों के बाद की गई है।
सेबी की जांच में सामने आया कि संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों ने कुछ शेयरों की कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए सुनियोजित तरीके से प्रचार-प्रसार किया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से निवेशकों को उन शेयरों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। जब बड़ी संख्या में निवेशकों ने शेयर खरीदे और कीमतें बढ़ गईं, तब आरोपियों ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर भारी मुनाफा कमाया। इसके बाद शेयरों की कीमतों में तेज गिरावट आई और आम निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।
सेबी ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की गतिविधियां पूंजी बाजार की पारदर्शिता और निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए दोषी पाए गए सभी पक्षों को अगले 7 वर्षों तक शेयर बाजार में किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री या अन्य बाजार गतिविधियों में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया है।
सेबी की यह कार्रवाई निवेशकों का भरोसा मजबूत करने और शेयर बाजार में हेरफेर करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश देने की दिशा में अहम कदम है। साथ ही निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें तथा सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली निवेश संबंधी सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।