राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक और कानूनी विवाद के बीच चुनाव कराने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पूर्व एडहॉक कमेटी के सदस्यों की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) वापस ले ली गई। अदालत ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए मामले का निस्तारण कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इनकार
एडहॉक कमेटी के कुछ सदस्यों ने स्वयं को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का प्रतिनिधि बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। उनकी ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह यादव ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वह राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है।
कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एडहॉक कमेटी की भूमिका पर नाराजगी भी जताई। अदालत ने टिप्पणी की कि एडहॉक कमेटी केवल अस्थायी रूप से चुनाव कराने के लिए गठित की गई थी, लेकिन उसका कार्यकाल बार-बार बढ़ाकर उसे ही संचालन का जिम्मा सौंप दिया गया। कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर चुनाव कब तक टाले जाएंगे।
सरकार ने भी उठाया अधिकार का सवाल
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया कि एडहॉक कमेटी को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के नाम से याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है। सरकार ने कहा कि एसोसिएशन के नाम से दायर की गई SLP प्रशासक अथवा उनके निर्देश पर दाखिल नहीं की गई थी। कोर्ट और सरकार के रुख को देखते हुए एडहॉक कमेटी ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
हाईकोर्ट का आदेश रहेगा प्रभावी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट का 1 जुलाई 2026 का आदेश पूरी तरह प्रभावी रहेगा। इसके तहत प्रशासक भास्कर ए. सावंत की निगरानी में RCA के चुनाव कराए जाएंगे। प्रशासक मतदाता सूची को अंतिम रूप देंगे, निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति करेंगे, चुनाव कार्यक्रम जारी करेंगे और निर्धारित समय-सीमा में पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराएंगे। साथ ही 29 जुलाई 2026 तक चुनाव कार्यक्रम हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
तीन महीने में मिलेगी नई कार्यकारिणी
राजस्थान हाईकोर्ट पहले ही निर्देश दे चुका है कि तीन महीने के भीतर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को नई निर्वाचित कार्यकारिणी मिलनी चाहिए। ऐसे में अब चुनाव प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी होने की संभावना बढ़ गई है।
राजनीतिक वजहों से भी चर्चा में रही एडहॉक कमेटी
RCA की एडहॉक कमेटी राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रही। इसके कई सदस्य प्रदेश के प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों से जुड़े हैं। इनमें मोहित यादव (भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र), धनंजय सिंह (स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र), आशीष तिवाड़ी (भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र), अरिष्ट सिंघवी (पूर्व मंत्री चंद्रराज सिंघवी के पोते) और अर्जुन बेनीवाल (भादरा विधायक संजीव बेनीवाल के पुत्र) शामिल रहे। इसके अलावा डूंगरपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुशील जैन भी कमेटी के सदस्य रहे हैं।
कई वर्षों से विवादों में रहा RCA
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पिछले कई वर्षों से प्रशासनिक विवादों, चुनाव संबंधी मतभेदों और कानूनी चुनौतियों से जूझता रहा है। विभिन्न अदालतों में कई याचिकाएं लंबित रहने के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती रही। पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने के उद्देश्य से राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रशासक नियुक्त कर समयबद्ध चुनाव कराने के निर्देश दिए थे।
अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद चुनाव से जुड़ी प्रमुख कानूनी बाधाएं समाप्त हो गई हैं और प्रशासक की देखरेख में नई निर्वाचित कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।