सिरोही। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त उद्योगपति सुखदेव जांगिड़ ने गौसेवा के क्षेत्र में एक मिसाल पेश करते हुए श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा स्थित श्री मनोरमा गोलोकतीर्थ, नंदगांव (केसुआ) में ₹1 करोड़ 1 लाख की राशि दान की। यह सहयोग गोचिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण हेतु दिया गया है, जिसे क्षेत्र में गौवंश के उपचार और संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्री जांगिड़ का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाओं को करीब से देखा और वहां चल रही सेवाओं को समझा। विशेष रूप से बीमार और घायल गौमाताओं के उपचार, देखभाल और पुनर्वास की व्यवस्था को देखकर वे भावुक हो गए। इसी भावनात्मक जुड़ाव के चलते उन्होंने इतनी बड़ी राशि दान करने का निर्णय लिया।
इस दौरान उन्होंने गौशाला के संस्थापक पूज्य गौऋषि स्वामी दंतशरणानंद जी महाराज से मुलाकात की और आध्यात्मिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। शाम की आरती में शामिल होकर उन्होंने आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव भी किया।
बताया जाता है कि सुखदेव जांगिड़, परम पूज्य स्वामी रामसुखदास जी महाराज के परम शिष्य हैं और पिछले 25 वर्षों से श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन और मनन में लगे हुए हैं। धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने “गीता सेवा ऐप” का निर्माण भी किया है, जिसके माध्यम से गीता प्रेस की पुस्तकों और प्रवचनों को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।
उनका यह योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि ‘गौसेवा ही परम सेवा’ के संदेश को मजबूत करता है। समाज सेवा, शिक्षा और गौसंरक्षण के क्षेत्र में उनका यह कदम अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनकर उभरा है।स्थानीय लोगों और गौशाला प्रबंधन ने इस दान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे न केवल गौमाताओं के उपचार की व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्र में पशु चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।