राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को भारी हंगामा देखने को मिला। रामपुरा कंवरपुरा गांव के एक बदहाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंची 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की टीम को ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों ने किया पथराव, ट्रैक्टर लगाकर रोके रास्ते

 शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे CJP के प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका अपने समर्थकों के साथ स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे थे। लेकिन वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि ग्रामीणों ने CJP नेताओं के साथ हाथापाई की, पथराव किया और उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान गांव की महिलाओं ने CJP की महिला समर्थकों पर मिट्टी भी फेंकी।

इससे पहले सुबह 8 बजे भी CJP के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों की धक्का-मुक्की हुई थी। हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने गांव के मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर बैरिकेडिंग कर दी और स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। गांव में आने-जाने वाली हर गाड़ी की चेकिंग की जाने लगी।

बाड़े में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, इमारत जर्जर

रामपुरा गांव के इस स्कूल की स्थिति बेहद दयनीय है। पिछले एक साल से स्कूल की मुख्य इमारत जर्जर होने के कारण बंद पड़ी है। छत की पट्टियों को गिरने से रोकने के लिए लोहे के एंगल का सहारा लिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को स्कूल से 50 मीटर दूर एक बाड़े में टीनशेड के नीचे शिफ्ट किया गया है। यह जगह भी सुरक्षित नहीं है क्योंकि जहां बच्चे पढ़ रहे हैं, वहीं पास में पशुओं का चारा भरा हुआ है और दीवारें भी टूटी हुई हैं। निरीक्षण के दौरान बच्चों के हाथों में "स्कूल शिक्षा का मंदिर है" लिखी तख्तियां भी नजर आईं।

'बाहरी लोगों की राजनीति बर्दाश्त नहीं'

विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और भाजपा नेता लालचंद शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति की दखलअंदाजी नहीं चाहते। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने स्कूल की मरम्मत के लिए हाल ही में 12.50 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

भाजपा नेता लालचंद शर्मा ने CJP पर निशाना साधते हुए कहा, "हम कॉकरोच जनता पार्टी को गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे। अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो पहले झारखंड जाकर प्रदर्शन कर रहे बच्चों को संभालें।" ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांव इतना सक्षम है कि अगर सरकार मदद नहीं भी करेगी, तो वे खुद स्कूल को ठीक करवा लेंगे, लेकिन यहां किसी को 'राजनीतिक गंदगी' नहीं फैलाने देंगे।

सरकार 10 अच्छे स्कूल भी नहीं बता पाई: आशुतोष रांका

 हमले और विरोध के बाद CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा कि उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत को समझना, संसाधनों की कमी को देखना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की संभावनाओं को उजागर करना था।

रांका ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा, "हमने 24 घंटे पहले सरकार से प्रदेश के 10 बेहतर और आदर्श स्कूलों की जानकारी मांगी थी, लेकिन सरकार वह भी उपलब्ध नहीं करा सकी। क्या राजस्थान में 10 अच्छे स्कूल भी नहीं हैं? हमारी पार्टी जिम्मेदारों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाती रहेगी।" पार्टी का आज जयपुर में दो ऐसे ही स्कूलों का दौरा करने का कार्यक्रम था।

'स्कूल ठीक करो' अभियान की गूंज

 सरकारी स्कूलों की दुर्दशा और शिक्षा के मुद्दे पर इन दिनों देश के अन्य हिस्सों में भी आवाजें उठ रही हैं। हाल ही में 15 अगस्त को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अभिजीत दीपके ने 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की थी। उनका भी यही तर्क है कि सरकारी अनदेखी के कारण गरीब छात्रों का भारी नुकसान हो रहा है, जिसके चलते प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाने और सरकारी स्कूलों को दुरुस्त करने की सख्त जरूरत है।