परियोजना का विस्तृत परिचय
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सफलता के बाद अब स्लीपर संस्करण लॉन्च होने जा रहा है, जो 1,000 किमी से अधिक की दूरी तय करने वाली रात्री यात्राओं के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इन ट्रेनों के कोचों को हर 3,500 किमी या चार दिनों के अंतराल में अनिवार्य रखरखाव की आवश्यकता होगी। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे ने जोधपुर को देश के पहले समर्पित स्लीपर कोच रखरखाव हब के रूप में चुना है।
यह केंद्र उत्तर पश्चिमी रेलवे के अंतर्गत भगत की कोठी रेलवे स्टेशन परिसर में विकसित किया जा रहा है। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें पहले चरण की समय सीमा जून 2026 और दूसरे चरण की जून 2027 रखी गई है
चरणबद्ध विकास योजनाचरण 1:
जून 2026 तक (मुख्य रखरखाव ट्रैक)
चरण 1: जून 2026 तक (मुख्य रखरखाव ट्रैक)
- ट्रैक लंबाई: 600 मीटर
- क्षमता: एक साथ 24 कोच (तीन पूर्ण स्लीपर ट्रेन सेट)
- निरीक्षण क्षमता: तीन ट्रेनों का एक साथ निरीक्षण
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- प्रमुख सुविधाएँ:
- तीन-स्तरीय निरीक्षण पिट (प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शियरी)
- ऑटोमेटेड व्हील रैक और अंडर-फ्रेम डायग्नोस्टिक्स
- डिजिटल लॉगबुक और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम
लागत: ₹167 करोड़
- प्रमुख सुविधाएँ: