राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में आरोपी बंदी विष्णु जाट से पुलिस की पूछताछ में हत्या की वजह को लेकर अहम जानकारी सामने आई है।
पुलिस और जेल सूत्रों के मुताबिक, विष्णु ने पूछताछ में बताया कि जगन गुर्जर अक्सर उसका मजाक उड़ाता था और छोटी-छोटी बातों पर उसे अपमानित करता था। लंबे समय से हो रहे इस व्यवहार से वह मानसिक रूप से परेशान था और उसने मन ही मन जगन की हत्या करने का फैसला कर लिया था। वह सिर्फ सही मौके का इंतजार कर रहा था।
गमछे से गला घोंटा, फिर हाथों से भी दबाया
जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन विष्णु ने पहले गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंटा। इसके बाद उसने हाथों से भी उसका गला दबाया ताकि उसके बचने की कोई संभावना न रहे। पूछताछ में उसने कथित तौर पर कहा कि अगर जगन जिंदा बच जाता तो उसकी अपनी मौत तय थी। इसी डर से उसने यह सुनिश्चित किया कि जगन किसी भी हालत में बच न सके।
शव के पास बैठा रहा आरोपी
हत्या के बाद भी विष्णु बैरक से बाहर नहीं निकला। बताया जा रहा है कि वह काफी देर तक जगन के शव के पास ही बैठा रहा। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे जब रोजाना की तरह बैरक खोली गई, तब वह सामान्य तरीके से मुस्कुराते हुए बाहर निकला। इसके बाद जेलकर्मियों को जगन गुर्जर अचेत अवस्था में मिला। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
गैंगवार नहीं, निजी रंजिश की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस और जेल प्रशासन को यह मामला गैंगवार का नहीं, बल्कि निजी रंजिश का लग रहा है। बैरक में मौजूद अन्य बंदियों से भी पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी किसी गैंग की आपसी दुश्मनी की बात नहीं कही। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
128 मामलों का आरोपी था जगन गुर्जर
चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में करीब 128 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर अपराध शामिल थे। साल 1994 में उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था। साल 2019 में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में उसके एनकाउंटर की मांग भी उठाई थी।
जगन गुर्जर की हत्या के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए धौलपुर जिले के पैतृक गांव भवुतीपुरा भेजा गया। वहीं, इस घटना के बाद अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और न्यायिक जांच भी कराई जा रही है।