राजधानी जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां संपत्ति और किराए के पैसों के विवाद में एक बेटे ने अपने 67 वर्षीय बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोपी ने पिता को लगातार थप्पड़, लात और घूंसे मारे, जिससे वह कई बार जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका और घायल पिता को हाथ पकड़कर घसीटते हुए कमरे तक ले गया। पूरी घटना का वीडियो अब सामने आया है।
पीड़ित आनंदीलाल उच्चेनिया ने आरोप लगाया कि 19 जून की शाम उनका बड़ा बेटा धनपत उच्चेनिया बाइक से घर पहुंचा और आते ही उनसे विवाद करने लगा। कुछ ही देर में उसने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पहले थप्पड़ मारा, जिससे वे सीढ़ियों पर गिर गए। इसके बाद आरोपी ने लगातार लात-घूंसे बरसाए और जमीन पर गिरने के बाद भी उन्हें नहीं छोड़ा।
बीच-बचाव करने वालों को भी दी धमकी
मारपीट के दौरान शोर सुनकर किराएदार महिला नीचे आई और बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माना। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे, जिन्हें भी धमकाकर भगा दिया गया। आरोपी ने अपनी मां को भी धमकी दी कि जयपुर के मकान का किराया उसके पास पहुंचा दिया जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
संपत्ति और किराए को लेकर चल रहा था विवाद
पीड़ित के मुताबिक, बड़ा बेटा लंबे समय से पैतृक संपत्ति अपने नाम करवाने का दबाव बना रहा था। वह जयपुर स्थित मकान से मिलने वाले किराए की रकम भी अपने कब्जे में लेना चाहता था। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
2014 में भी किया था जानलेवा हमला
पीड़ित की बेटी सुनेना ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2014 में भी आरोपी धनपत ने सोते समय अपने पिता पर कुल्हाड़ी से हमला किया था, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और आरोपी जेल भी गया था। बाद में उसने माफी मांग ली थी।
एफआईआर दर्ज कराने में भी हुई देरी
सुनेना का आरोप है कि घटना वाले दिन जब वह पिता के साथ सांगानेर थाने पहुंची तो पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया। अगले दो दिनों तक उन्हें थाने के चक्कर लगाने पड़े, जिसके बाद 21 जून को मामला दर्ज किया गया।
आरोपी गिरफ्तार, फिर मिली जमानत
सांगानेर थाना पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद आरोपी धनपत उच्चेनिया को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि बाद में उसे अदालत से जमानत मिल गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार जारी है।