राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्रवाई जारी है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा-2022 के एक फरार डमी कैंडिडेट को सीकर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चन्द्रभान यादव (26) पुत्र पुरणमल यादव, निवासी अजीतगढ़ (सीकर) के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी ने 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (सेकेंड ग्रेड) भर्ती परीक्षा-2022 की जांच के दौरान सामने आया कि करौली जिले के सपोटरा निवासी अनिल कुमार मीणा ने विज्ञान, सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक विज्ञान विषय की परीक्षा में स्वयं उपस्थित होने के बजाय डमी अभ्यर्थी को परीक्षा दिलवाई थी।

जांच के अनुसार, भरतपुर जिले के सेवर स्थित परीक्षा केंद्र पर चन्द्रभान यादव ने अनिल कुमार मीणा की जगह परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद अनिल कुमार मीणा का चयन सेकेंड ग्रेड वरिष्ठ अध्यापक के पद पर हो गया था।

एसओजी ने पहले ही मुख्य आरोपी अनिल कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि डमी कैंडिडेट चन्द्रभान यादव फरार चल रहा था। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने के कारण एसओजी ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

शनिवार रात एसओजी की टीम ने सीकर में दबिश देकर आरोपी चन्द्रभान यादव को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने के बदले एक लाख रुपये में सौदा तय किया गया था।

फिलहाल एसओजी आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा था।