राजस्थान की स्वर्ण नगरी जैसलमेर में पहली बार इंदिरा गांधी नहर में घड़ियाल दिखाई देने से वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों में उत्सुकता के साथ सतर्कता भी बढ़ गई है। नाचना क्षेत्र के आवाय गांव के पास करीब 5 फीट लंबा घड़ियाल नहर में तैरता हुआ नजर आया, जिसका वीडियो ग्रामीणों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। रेगिस्तानी इलाके में घड़ियाल का दिखना जिले का पहला दर्ज मामला माना जा रहा है।
ग्रामीणों ने बनाया वीडियो
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम कुछ युवक इंदिरा गांधी नहर के किनारे से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में तैर रहे एक बड़े जलीय जीव पर पड़ी। पहले उन्हें समझ नहीं आया कि यह कौन-सा जीव है, लेकिन पास से देखने पर उन्होंने उसका वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कर लीं।
वीडियो सोशल मीडिया और गांव में वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग नहर के किनारे पहुंचने लगे। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से यह घड़ियाल रोज शाम दिखाई दे रहा है और अब यह आवाय गांव से आगे बढ़कर पोकरण लिफ्ट क्षेत्र के आसपास भी नजर आया है।
पंजाब से बहकर आने की आशंका
उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने बताया कि संभावना है कि यह घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ बहकर इंदिरा गांधी नहर के इस हिस्से तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि घड़ियाल मगरमच्छ परिवार का सदस्य जरूर है, लेकिन इसकी बनावट सामान्य मगरमच्छ से अलग होती है।
इंसानों के लिए सामान्यतः खतरनाक नहीं
वन विभाग के अनुसार घड़ियाल का लंबा और पतला जबड़ा मुख्य रूप से मछलियां पकड़ने के लिए बना होता है। सामान्य परिस्थितियों में यह इंसानों पर हमला नहीं करता। इसके बावजूद सुरक्षा के लिहाज से लोगों को नहर के किनारे जाने या पानी के पास अनावश्यक भीड़ लगाने से बचने की सलाह दी गई है।
तेज बहाव के कारण फिलहाल रेस्क्यू संभव नहीं
आईजीएनपी स्टेज-2 के डीएफओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य नहर में इस समय पानी का बहाव काफी तेज है। ऐसे में बीच धारा में घड़ियाल का रेस्क्यू करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम वन्यजीव विशेषज्ञों के संपर्क में है। जैसे ही घड़ियाल किसी डिग्गी, कम गहराई वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर पहुंचेगा, तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।
वन विभाग ने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और घड़ियाल को किसी तरह परेशान न करने की अपील की है। साथ ही यदि घड़ियाल किसी अन्य स्थान पर दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को देने को कहा गया है।