राजधानी जयपुर में अवैध रूप से दवाओं का स्टॉक रखने और उनकी बिक्री करने वालों के खिलाफ ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने वैशाली नगर के पास चित्रकूट इलाके में स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 1.40 लाख रुपये की दवाइयां जब्त की हैं। मौके से नशीली दवाओं की श्रेणी (NDPS एक्ट) में आने वाली दवाइयां और कई फर्जी बिल भी बरामद किए गए हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक के अनुसार, विभाग को चित्रकूट स्थित एक गोदाम में बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़े पैमाने पर दवाओं के स्टोरेज और सप्लाई की पुख्ता सूचना मिली थी। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर दिनेश कुमार तनेजा के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर राम प्रसाद कुमावत और सपना पारीक की टीम ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
मौके पर नहीं मिला लाइसेंस, मिले फर्जी बिल और इनवॉइस
कार्रवाई के दौरान गोदाम में मौजूद स्टाफ से जब दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध ड्रग लाइसेंस पेश नहीं कर सके।
जांच के दौरान टीम को कई अन्य अहम सुराग मिले:
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मौके से अलग-अलग फार्मेसी के नाम से काटे गए बिल और इनवॉइस बरामद हुए, जिससे साफ हुआ कि यहां से अवैध तरीके से दवाइयों की सप्लाई की जा रही थी।
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बिना अनुमति संचालित इस गोदाम से करीब ₹1.40 लाख का पूरा दवा स्टॉक सीज कर दिया गया।
NDPS श्रेणी की दवा बरामद, 3 दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए
निरीक्षण के दौरान टीम को GARON-100 Tablet (Phenobarbitone) का स्टॉक भी मिला, जो कि NDPS घटक के दायरे में आती है। इसके खरीद-बिक्री दस्तावेजों में भी भारी अनियमितताएं पाई गईं।
इसके अलावा, दवाओं की गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए टीम ने 3 दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी लैब भिजवाए हैं:
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Gabanyl-300 (Gabapentin Capsules)
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Telmevas-H (Telmisartan & Hydrochlorothiazide Tablets)
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Trueclam 625 (Amoxycillin and Potassium Clavulanate Tablets)
ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।