राजस्थान के श्रीगंगानगर में पिछले साल हुए फायरिंग मामले में पुलिस को आखिरकार बड़ी सफलता मिल गई है। करीब एक साल से फरार चल रहा इनामी आरोपी नमन जांगिड़ अब पुलिस की गिरफ्त में है। खास बात यह है कि आरोपी इतने लंबे समय तक पुलिस को चकमा देता रहा और इस दौरान उसने अपनी पहचान भी पूरी तरह बदल ली थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि नमन जांगिड़ हरियाणा के गुरुग्राम में एक पीजी में रह रहा था। वह खुद को कॉलेज स्टूडेंट बताकर वहां रह रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो। उसने अपनी लाइफस्टाइल भी ऐसी बना ली थी कि वह बिल्कुल आम छात्र जैसा लगे।

यह मामला 25 मार्च 2025 का है, जब श्रीगंगानगर के अग्रसेन नगर में एक प्रॉपर्टी डीलर सतीश उर्फ राजू कथूरिया के घर पर फायरिंग हुई थी। आरोप है कि फिरौती नहीं देने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन नमन जांगिड़ लगातार पुलिस से बचता रहा।

पुलिस को उसकी लोकेशन को लेकर काफी समय से इनपुट मिल रहे थे, लेकिन वह बार-बार अपना ठिकाना बदल देता था। आखिरकार एक सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गुरुग्राम में दबिश दी और उसे पकड़ लिया। इस पूरी कार्रवाई में महिला कांस्टेबल नवनीत कौर की अहम भूमिका बताई जा रही है, जिन्होंने आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है और उसके खिलाफ कोर्ट पहले ही उसे भगोड़ा घोषित कर चुका था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था।

अब गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी और भी लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

यह पूरा मामला दिखाता है कि अपराधी कितनी चालाकी से अपनी पहचान बदलकर लंबे समय तक छिपे रह सकते हैं, लेकिन आखिरकार कानून के हाथ उनसे लंबे होते हैं।