राजस्थान के बाड़मेर जिले में करैत सांप के डसने से एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सेड़वा थाना क्षेत्र के फागलिया गांव में घर के बाहर खाट पर सो रहे पति-पत्नी और उनके मासूम बेटे को जहरीले करैत सांप ने काट लिया। इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनका 5 वर्षीय बेटा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
इलाज के दौरान पति-पत्नी ने तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार फागलिया गांव निवासी श्रवणराम (28), उनकी पत्नी लाछी (23) और बेटा विकास (5) घर के बाहर खाट पर सो रहे थे। इसी दौरान रात में करैत सांप ने तीनों को डस लिया।
परिजनों ने उन्हें तत्काल सेड़वा अस्पताल पहुंचाया, जहां लाछी की इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर हालत में श्रवणराम को सांचौर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं मासूम विकास को समय रहते जोधपुर एम्स पहुंचा दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
अगली रात फिर लौट आया सांप
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिस सांप ने परिवार को डसा था, वह अगली रात फिर उसी खाट के पास पहुंच गया।
ग्रामीणों ने सांप को देखते ही घेर लिया और लाठी-डंडों से मार डाला। स्थानीय लोगों के अनुसार सांप उसी स्थान के आसपास घूम रहा था, जहां एक दिन पहले यह हादसा हुआ था।
क्यों खतरनाक होता है करैत सांप?
सेड़वा सीएचसी के डॉक्टर कालूराम के अनुसार करैत भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक माना जाता है। इसे अक्सर “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है क्योंकि इसके काटने पर शुरुआती समय में दर्द, सूजन या खून नहीं निकलता।
करैत का जहर सीधे तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर असर करता है। कुछ घंटों बाद मरीज का शरीर जहर के प्रभाव में आने लगता है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर जान बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
डॉक्टर ने दी अहम सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि करैत या किसी भी जहरीले सांप के काटने पर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
सांप काटने पर क्या करें?
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मरीज को शांत रखें और कम से कम हिलाएं।
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डसे गए व्यक्ति को लेटा दें।
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घबराहट कम करने की कोशिश करें।
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डसने वाली जगह को साबुन और पानी से साफ करें।
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जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
क्या नहीं करें?
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झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा न लें।
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जहर चूसने या चीरा लगाने की कोशिश न करें।
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शराब या दर्द निवारक दवाएं न दें।
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मरीज को दौड़ने या अधिक चलने न दें।
ग्रामीणों में दहशत
इस दर्दनाक घटना के बाद फागलिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सांपों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जागरूकता अभियान और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।