राजस्थान के डीग जिले के सिनसिनी गांव के 26 वर्षीय भारतीय सेना के जवान बबलू चौधरी का महाराष्ट्र के नासिक में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। मंगलवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सेना ने उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी और हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार बबलू चौधरी भारतीय सेना में नायक के पद पर नासिक में तैनात थे। 5 जुलाई को ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया।
7 साल के बेटे और छोटे भाई ने दी मुखाग्नि
मंगलवार को पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर प्राथमिक विद्यालय परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान उनके 7 वर्षीय बेटे यश कुमार और छोटे भाई पंकज चौधरी ने मुखाग्नि दी। इस भावुक पल ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
सेना ने दी अंतिम सलामी
अंतिम संस्कार से पहले सेना के जवानों ने अपने साथी को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। इस दौरान "बबलू चौधरी अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। हजारों लोगों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूरा परिवार सेना से जुड़ा
बबलू चौधरी वर्ष 2016 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्ष 2018 में उनकी शादी मंजू से हुई थी। उनके दो बेटे हैं—यश कुमार (7 वर्ष) और भावेश (3 वर्ष)।
उनका परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है। उनके पिता विजेंद्र सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि छोटे भाई पंकज चौधरी भी भारतीय सेना में लांस नायक के पद पर कार्यरत हैं। ऐसे सैनिक परिवार के जवान की असमय मौत से पूरे गांव में गहरा शोक है।
ग्रामीणों ने नम आंखों से दी विदाई
घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने बताया कि बबलू चौधरी मिलनसार, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उनके निधन को पूरे गांव और जिले के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया।
अंतिम विदाई के दौरान हर आंख नम थी। लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी सेवाओं और देशभक्ति को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।