'क्या शहीद भगत सिंह भी डालेंगे वोट?'भड़के विपक्ष ने चुनाव आयोग से पूछा- 'ये कैसी गड़बड़ी?'
पंजाब के लुधियाना पूर्व विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में एक आम मतदाता के नाम के आगे शहीद भगत सिंह की तस्वीर छपने से विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है।



पंजाब के लुधियाना में एक बड़ा चुनावी विवाद सामने आया है। लुधियाना पूर्व विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची (Voter List) में एक बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली है, जहां एक आम मतदाता के नाम के आगे महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की तस्वीर छपी हुई पाई गई। इस चूक के सामने आते ही सियासी हलचल तेज हो गई है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने चुनाव आयोग (Election Commission) से इस मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
लुधियाना से सांसद और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने वोटर लिस्ट में हुई इस गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए राजा वडिंग ने लिखा, "चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए कि मतदाता सूची में इस तरह की गंभीर गलतियां कैसे हो रही हैं? इनकी जांच कौन करेगा और इसके लिए किसकी जवाबदेही तय की जाएगी?" उन्होंने हरियाणा में भी वोटर लिस्ट में तस्वीरों से जुड़ी ऐसी ही पिछली रिपोर्टों का हवाला देते हुए चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त की। वडिंग ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूचियों की सटीकता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
कहां और कैसे हुई यह गड़बड़ी?
कांग्रेस नेता और लुधियाना पूर्व के पूर्व विधायक संजय तलवार ने इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनके मुताबिक, यह गड़बड़ी लुधियाना ईस्ट के पोलिंग बूथ नंबर 38 की है, जहां सीरियल नंबर 422 पर दर्ज एक मतदाता के सामने शहीद भगत सिंह की फोटो लगी थी।
तलवार ने दावा किया कि यह इकलौता मामला नहीं है, बल्कि आठ अन्य प्रविष्टियों (entries) में भी गलत तस्वीरें लगाई गई हैं। इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के सभी 235 मतदान केंद्रों की वोटर लिस्ट की गहन समीक्षा करने की मांग की है।
चुनाव आयोग और प्रशासन का स्पष्टीकरण
इस पूरे विवाद के तूल पकड़ने के बाद लुधियाना के जिला चुनाव अधिकारी सह उपायुक्त (DC) कार्यालय ने एक 'फैक्ट-चेक' जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कांग्रेस के कुछ दावों को आंशिक रूप से गुमराह करने वाला बताया है।
चुनाव कार्यालय के अनुसार, यह गलत तस्वीर 13 अगस्त, 2026 को जारी की गई पुरानी वोटर लिस्ट में प्रकाशित हुई थी। हालांकि, चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान इस गलती की पहचान कर ली गई थी और इसे तुरंत सुधार लिया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 12 अक्टूबर को जारी होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में सभी तस्वीरें सही होंगी और इस गलती को पूरी तरह से दुरुस्त कर लिया गया है।
प्रशासन कराएगा मामले की जांच
लुधियाना के उपायुक्त हिमांशु जैन ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया है कि वह संबंधित मतदाता पंजीकरण अधिकारी से पूरी जानकारी तलब करेंगे। उन्होंने कहा कि आधिकारिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह तकनीकी खामी थी या किसी स्तर पर हुई मानवीय भूल। प्रशासन यह भी पता लगाएगा कि यह गड़बड़ी कितने बड़े स्तर पर हुई थी।
इस बीच, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए ताकि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बना रहे।













































