'एक मच्छर साला...' डायलॉग से दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर का निधन, 75 की उम्र में तोड़ा दम
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर (Nana Patekar) का 75 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया है। जानिए उनके परिवार, असल जिंदगी में फौजी होने और फिल्मी सफर से जुड़ी पूरी जानकारी।



हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने दमदार अभिनय और रौबदार आवाज के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) बताई जा रही है। उन्होंने गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर से पूरे बॉलीवुड और उनके फैंस के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
गोवा के घर में अचानक बिगड़ी तबीयत
सूत्रों के मुताबिक, नाना पाटेकर को गोवा स्थित उनके फ्लैट में सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। सूचना मिलते ही एक मेडिकल टीम उनके घर पहुंची, लेकिन तब तक वह बेहोश हो चुके थे। मौके पर ही उन्हें कार्डियक मसाज (CPR) दी गई और तुरंत डोना पाउला के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मौत के सटीक कारणों की कानूनी और मेडिकल पुष्टि के लिए आज पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। फिलहाल परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मुरुद-जंजीरा से शुरू हुआ सफर और परिवार
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुद-जंजीरा में एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ था।
पारिवारिक जीवन: उनकी शादी नीलकंती से हुई थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए थे। उनके दो बेटे हुए- दुर्वासा और मल्हार। दुर्भाग्य से उनके बड़े बेटे दुर्वासा का मात्र 2 साल की उम्र में बीमारी से निधन हो गया था।
माता-पिता का प्रभाव: जब नाना केवल 28 वर्ष के थे, तब उनके पिता का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। उनके पिता को नाटकों का बहुत शौक था और उन्हीं की प्रेरणा से नाना का झुकाव एक्टिंग की तरफ हुआ। वहीं, नाना अपनी मां निर्मला पाटेकर के बेहद करीब थे, जिनका 2019 में 99 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। उनके दो भाई भी हैं— अशोक और दिलीप पाटेकर।
व्यक्तिगत जीवन: एक समय नाना बहुत अधिक सिगरेट पीते थे, लेकिन 56 वर्ष की आयु में उन्होंने यह लत छोड़ दी थी।
असल जिंदगी के असली 'हीरो', कारगिल में दी थी सेवाएं

पर्दे पर एक सख्त पुलिसवाले और फौजी का किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर असल जिंदगी में भी सेना का हिस्सा रहे।
साल 1988 में वह बतौर 'कैप्टन' टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हुए थे।
अपनी चर्चित फिल्म 'प्रहार' के लिए उन्होंने तीन साल की कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी और जनरल वी.के. सिंह (तत्कालीन लेफ्टिनेंट कर्नल) के साथ काम किया था।
सबसे बड़ी बात यह है कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान, नाना पाटेकर ने मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में 'मेजर' की रैंक पर अपनी सेवाएं दी थीं। साल 2013 में वह लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से रिटायर हुए थे।
विवादों और रिश्तों से भी रहा नाता
अपनी पत्नी नीलकंती से अलग होने के बाद, नाना का नाम बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा। इनमें मनीषा कोइराला और आयशा जुल्का के नाम प्रमुख हैं। 'अग्नि साक्षी' और 'खामोशी: द म्यूजिकल' फिल्म के दौरान नाना और मनीषा कोइराला की नजदीकियां काफी बढ़ गई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना अक्सर मनीषा के घर जाते थे, हालांकि वे इसे पारिवारिक मेलजोल बताते थे। कहा जाता है कि नाना के अत्यधिक पज़ेसिव (अधिकार जताने वाले) रवैये और दोनों के तेज स्वभाव के कारण यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सका और उनका ब्रेकअप हो गया।
आखिरी समय तक रहे सिनेमा में एक्टिव (हालिया प्रोजेक्ट्स)
उम्र के इस पड़ाव पर भी नाना पाटेकर अभिनय की दुनिया में बेहद सक्रिय थे।
फरवरी 2026: वह हाल ही में विशाल भारद्वाज की रोमांटिक एक्शन थ्रिलर 'ओ रोमियो' में नजर आए थे, जिसमें उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो चीफ इस्माइल खान का रोल प्ले किया था। इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी थे।
मार्च 2026: प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई अनिल कपूर की फिल्म 'सूबेदार' में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
OTT डेब्यू: साल 2026 में ही प्रकाश झा की पॉलिटिकल ड्रामा सीरीज 'संकल्प' से उन्होंने ओटीटी (OTT) की दुनिया में कदम रखा था, जिसमें उनका किरदार कन्हैया लाल का था।
इससे पहले वह 2024 में 'वनवास' और 2025 में 'हाउसफुल 5' जैसी फिल्मों का भी हिस्सा रहे।
शानदार करियर और अवॉर्ड्स
1978 में फिल्म 'गमन' से अपना एक्टिंग करियर शुरू करने वाले नाना ने 'अंकुश', 'परिंदा', 'प्रहार', 'क्रांतिवीर', 'अब तक छप्पन', 'अपहरण' और 'राजनीति' जैसी कई कल्ट फिल्में दीं। कॉमेडी फ्रैंचाइजी 'वेलकम' के 'उदय शेट्टी' के रूप में उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया। सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे। साल 2013 में भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान 'पद्म श्री' से भी नवाजा था।
नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है। उनके बेबाक अंदाज और कड़क डायलॉग डिलीवरी को दर्शक हमेशा याद रखेंगे।












































