2 महिला कैदियों को चुपचाप जेल से निकालकर घर ले गई जेलर, अब खुद पहुंची सलाखों के पीछे

अजमेर महिला जेल की निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने कोटा से गिरफ्तार कर लिया है। दिव्या पर दो हत्यारी महिला कैदियों (किरण और सना) को बिना अनुमति फ्लैट पर ले जाकर सफाई कराने का आरोप है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
October 9, 2026 • 2:51 PM  198
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2 महिला कैदियों को चुपचाप जेल से निकालकर घर ले गई जेलर, अब खुद पहुंची सलाखों के पीछे
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2 महिला कैदियों को चुपचाप जेल से निकालकर घर ले गई जेलर, अब खुद पहुंची सलाखों के पीछे

रक्षक ही जब भक्षक बन जाए तो अंजाम क्या होता है, इसकी बानगी अजमेर में देखने को मिली है। जिस अजमेर महिला जेल में कभी जेलर दिव्या चौधरी का हुक्म चलता था, आज उसी जेल की सलाखों के पीछे वह खुद एक कैदी बनकर पहुंच गई है। जेल में बंद दो खूंखार हत्यारी महिला कैदियों को गैर-कानूनी तरीके से अपने निजी फ्लैट पर ले जाकर सफाई करवाने वाली निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने कोटा से गिरफ्तार कर लिया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में जेलर दिव्या पिछले दो महीने से फरार चल रही थी। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने उसे कोटा के एक फ्लैट से दबोच लिया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे उसी अजमेर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है, जहां वह कभी अफसर हुआ करती थी। इस मामले में उसकी सहयोगी महिला प्रहरी सोनिया चौधरी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

क्या हुआ था 12 जुलाई 2026

घटना 12 जुलाई 2026 की है। तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी और प्रहरी सोनिया चौधरी ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जेल से दो महिला कैदियों— किरण और सना— को बिना किसी कोर्ट अनुमति और जेल रिकॉर्ड में एंट्री के बाहर निकाल लिया।

ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जब इसका विरोध किया तो दोनों अधिकारियों ने उन्हें डरा-धमका कर चुप करा दिया। इसके बाद दोनों कैदियों को एक प्राइवेट गाड़ी में बैठाकर अजमेर के एआरजी सिटी स्थित दिव्या के निजी फ्लैट पर ले जाया गया, जहां उनसे घर की साफ-सफाई करवाई गई। मामला उजागर होने पर कारागार मुख्यालय ने तुरंत दिव्या और सोनिया को सस्पेंड कर दिया था और विभागीय जांच शुरू कर दी थी। सस्पेंड होने के बाद दिव्या को बीकानेर और सोनिया को जोधपुर मुख्यालय भेजा गया, लेकिन गिरफ्तारी के डर से दोनों अंडरग्राउंड हो गई थीं।

कौन हैं वो दो खूंखार कैदी, जिनसे जेलर करवा रही थी काम?

जिन दो महिला कैदियों को जेलर ने अपना 'घरेलू नौकर' बनाया, उनका आपराधिक रिकॉर्ड रोंगटे खड़े कर देने वाला है। दोनों ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दिया था:

1. किरण उर्फ सेठा: पति का घोंटा था गला (उम्रकैद की सजा)

किरण अजमेर के भिनाय इलाके की रहने वाली है। सोशल मीडिया के जरिए उसकी दोस्ती शैतान गुर्जर नाम के युवक से हुई जो जल्द ही प्रेम-प्रसंग में बदल गई। जब किरण के पति देवेंद्र (चांदू) को इसकी भनक लगी तो उसने ऐतराज जताया। इसके बाद किरण और शैतान ने देवेंद्र को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।

17 जनवरी 2023 की सर्द रात में देवेंद्र अपने खेत पर फसल की रखवाली कर रहा था। किरण ने शैतान को वहां बुलाया। शैतान ने देवेंद्र की छाती पर बैठकर उसका गला दबाया और किरण ने अपने ही पति का मुंह भींच लिया। संघर्ष के दौरान देवेंद्र ने किरण की उंगली चबा ली थी, लेकिन वह बच नहीं सका। 24 घंटे में पुलिस ने मामले का खुलासा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इस जुर्म में किरण को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

2. सना: प्रेमी की पत्नी को उतारा था मौत के घाट (विचाराधीन कैदी)

दूसरी कैदी 22 वर्षीय सना है, जो नागौर (डीडवाना-कुचामन) के मकराना इलाके की रहने वाली है। सना का शैफ अली नाम के शादीशुदा युवक से 3 साल से अफेयर चल रहा था। शैफ अपनी पत्नी रुबीना पर तलाक का दबाव बना रहा था, लेकिन रुबीना का कहना था कि "शादी करके इस घर में आई हूं, तो यहीं से अर्थी उठेगी।"

24 जुलाई 2023 को मौका पाकर सना रुबीना के घर पहुंची और शैफ को भी बुला लिया। जब रुबीना ने तलाक देने से साफ इनकार कर दिया, तो सना और शैफ ने मिलकर बेरहमी से रुबीना का गला घोंट दिया और फरार हो गए। पुलिस ने 4 दिन बाद ही मामले का पर्दाफाश कर दिया था। सना का मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।

एसपी के निर्देश पर कसी गई नकेल

अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी हिमांशु जांगिड़ और डीएसपी (उत्तर) शिवम जोशी को दिव्या की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा। तकनीकी साक्ष्यों और साइबर डेटा के आधार पर पुलिस को कोटा में दिव्या की लोकेशन मिली, जिसके बाद दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

डीएसपी शिवम जोशी ने बताया कि केंद्रीय कारागृह अधीक्षक की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल पुलिस जेल प्रहरी सोनिया चौधरी की सरगर्मी से तलाश कर रही है। जेल प्रशासन की इस बड़ी चूक और जेलर की दबंगई के बाद अब पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

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