Monsoon Session 2026: राम मंदिर चढ़ावा से लेकर NEET पेपर लीक तक... संसद में इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है।



20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आगामी सत्र के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह संसद में कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही कांग्रेस ने कुछ संभावित संविधान संशोधन विधेयकों का विरोध करने का भी ऐलान किया है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद और NEET पेपर लीक रहेगा फोकस
कांग्रेस ने मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है। इसके अलावा NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, महंगाई, बेरोजगारी, विदेश नीति और भ्रष्टाचार जैसे विषय भी विपक्ष के एजेंडे में शामिल रहेंगे। पार्टी का कहना है कि इन सभी मुद्दों पर सरकार को संसद के भीतर जवाब देना चाहिए।

E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति पर भी सवाल
कांग्रेस ने E20 (इथेनॉल ब्लेंडिंग) नीति को लेकर भी सरकार को घेरने की तैयारी की है। पार्टी का आरोप है कि इस नीति का असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ सकता है। कांग्रेस सरकार से पूछेगी कि E20 लागू करने की जरूरत क्या है, इससे आम लोगों को क्या लाभ या नुकसान होगा और इसके लिए क्या तैयारी की गई है।
इन विधेयकों का करेगी विरोध
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार परिसीमन (Delimitation) से जुड़ा कोई संविधान संशोधन विधेयक संसद में लाती है तो पार्टी उसका विरोध करेगी।
इसके अलावा यदि ऐसा कोई विधेयक लाया जाता है, जिसमें 30 दिन से अधिक समय तक हिरासत में रहने वाले मंत्रियों या मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान हो, तो कांग्रेस उसका भी कड़ा विरोध करेगी। पार्टी ने कहा है कि इन मुद्दों पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर साझा रणनीति बनाई जाएगी।
सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई रणनीतिक बैठक
मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, पी. चिदंबरम, शशि थरूर, मनीष तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में संसद के दौरान विपक्ष की संयुक्त रणनीति, सरकार को घेरने वाले प्रमुख मुद्दों और विभिन्न विधेयकों पर पार्टी के रुख पर विस्तार से चर्चा की गई।
Chanda Chori - Astha se Dhoka, Paper leaks and the systemic corrossion of education system, institutional capture, breaking of political parties, multiple scams and charges of corruption, backbreaking price rise, foreign policy failures and strategic blunders, the imposition of… pic.twitter.com/JxKiCTxyPj — Mallikarjun Kharge (@kharge) July 16, 2026

मानसून सत्र पर रहेगी देश की नजर
20 जुलाई से शुरू होने वाला मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में संसद के इस सत्र में कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।












































