गहलोत-पायलट-डोटासरा की दिल्ली में एक साथ एंट्री, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आर-पार की जंग
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर।



मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो गया है। इस मांग को लेकर INDIA गठबंधन द्वारा नई दिल्ली में किए जा रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच गए हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर मुखर है। इसी कड़ी में INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजस्थान से गए कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता दिल्ली की सड़कों पर उतरकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तुरंत इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जिसके चलते यह विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
राजस्थान के इन दिग्गज नेताओं ने भरी हुंकार
इस राष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन में राजस्थान कांग्रेस की टॉप लीडरशिप मजबूती के साथ मौजूद है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट जैसे वरिष्ठ नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इन नेताओं ने प्रदर्शन के अलावा नई दिल्ली स्थित AICC (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) मुख्यालय और इंदिरा भवन में राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों और प्रेस ब्रीफिंग में भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ अहम बैठकें
दिल्ली प्रवास के दौरान राजस्थान के इन शीर्ष नेताओं ने सिर्फ विरोध प्रदर्शन तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पार्टी संगठन को लेकर भी अहम चर्चाएं कीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा बुलाई गई संगठनात्मक और पर्यवेक्षक बैठकों (organizational and observer meetings) में भी प्रदेश के नेताओं ने हिस्सा लिया। इन बैठकों में पार्टी की आगामी रणनीतियों, राष्ट्रीय मुद्दों और जमीनी स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत करने को लेकर व्यापक मंथन किया गया।
राजस्थान कांग्रेस के नेताओं के इस भारी जमावड़े से साफ है कि पार्टी INDIA गठबंधन के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है। अब देखना यह होगा कि विपक्ष के इस आक्रामक रुख का क्या सियासी असर होता है।













































