अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका, दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने का किया विरोध
इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। राहुल और प्रियंका गांधी ने उनसे मुलाकात कर अपना समर्थन दिया। परिवार ने राष्ट्रपति से नियुक्ति रोकने की अपील की है।



कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को दिल्ली के इंडिया गेट के पास अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। अंकिता का परिवार भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। उनकी मांग है कि जब तक इस मामले में चल रही सीबीआई (CBI) जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
इस दौरान कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी, पवन खेड़ा और उदय भानु चिब भी इंडिया गेट पहुंचे और परिवार का समर्थन किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की भावुक अपील
अंकिता के माता-पिता, वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगाई है कि जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल न बनाया जाए।
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा, “हम माननीय राष्ट्रपति से हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार को राज्यपाल नियुक्त न किया जाए। उनकी जगह सलाखों के पीछे होनी चाहिए।” वहीं, अपनी बेटी के लिए न्याय मांगते हुए इंडिया गेट के पास फुटपाथ पर बैठीं मां सोनी देवी रो पड़ीं। उन्होंने कहा, “12 अक्टूबर को जब हमने सुना कि उन्हें (दुष्यंत गौतम) राज्यपाल बना दिया गया है, तो हमें बहुत दुख हुआ। मैं राष्ट्रपति जी से अपील करती हूं, जो खुद एक महिला हैं और मेरी भावनाओं को जरूर समझेंगी, कि सीबीआई जांच पूरी होने तक इस नियुक्ति को रोका जाए।” परिवार ने अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने का समय भी मांगा है।
देहरादून में भूख हड़ताल की चेतावनी
माता-पिता ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे देहरादून में उत्तराखंड सचिवालय के बाहर मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल करेंगे।
क्या है पूरा मामला और 'VIP' एंगल?
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट (Vanantra Resort) में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई थी और चार दिन बाद उसका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे) और उसके दो साथियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
इस हत्याकांड ने तब बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया जब आरोप लगे कि इस अपराध से किसी अज्ञात 'VIP' का संबंध है। अंकिता के परिवार और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लगातार इस कथित वीआईपी एंगल की जांच की मांग की है, जिसमें भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी उछाला गया है। अंकिता के पिता ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या में एक वीआईपी की बड़ी भूमिका थी और इसके लिए गौतम जिम्मेदार हैं।
दुष्यंत गौतम का पक्ष और कांग्रेस का विरोध
दुष्यंत कुमार गौतम पर लगे आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं। गौतम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई भी शुरू की है। हाल ही में सोमवार को उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जिसके बाद से उत्तराखंड कांग्रेस भी इस नियुक्ति का कड़ा विरोध कर रही है।
कांग्रेस का तर्क है कि दुष्यंत गौतम का नाम अंकिता हत्याकांड में सामने आया है और उन्हें राज्यपाल बनाने का कदम दरअसल उन्हें बचाने की एक कोशिश है। पार्टी का यह भी कहना है कि राज्यपाल के पद पर रहते हुए किसी व्यक्ति पर आपराधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती है, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।
अंकिता के परिवार ने साफ कर दिया है कि जब तक सीबीआई कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी नहीं कर लेती, तब तक यह नियुक्ति हर हाल में रोकी जानी चाहिए।












































