जिस घर में गूंजी थी किलकारियां, वहां बिछी लाशें; 3 दिन के बच्चे समेत पति-पत्नी खत्म
बाड़मेर के रामसर इलाके में हुए भीषण सड़क हादसे में 3 दिन के मासूम बच्चे समेत पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई। नवजात को जन्म के बाद अस्पताल से घर लाते समय स्विफ्ट कार ट्रैक्टर में जा घुसी।



राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। जिस घर में तीन दिन पहले बच्चे की किलकारियां गूंजी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। रामसर थाना क्षेत्र के हाथमा गांव के पास मंगलवार दोपहर हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। मृतकों में तीन दिन का नवजात बच्चा, उसकी मां और पिता शामिल हैं।
अस्पताल से घर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बालेबा निवासी हिंगलाज राम मेघवाल की पत्नी ने महज तीन दिन पहले ही बाड़मेर जिला अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया था। मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार खुशी-खुशी अपने नवजात बच्चे को लेकर घर के लिए रवाना हुआ था। हिंगलाज राम अपनी पत्नी, तीन दिन के बेटे, परिवार की दो अन्य महिलाओं और एक कार चालक के साथ स्विफ्ट कार में सवार होकर बालेबा लौट रहे थे। रास्ते में हाथमा गांव के पास उनकी कार बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर में पीछे से जा घुसी।
हादसे में तीन की मौत, चालक एम्स रेफर
कार और ट्रैक्टर की यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में हिंगलाज राम, उनकी पत्नी और तीन दिन के मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार परिवार की दो अन्य महिलाएं भी घायल हो गई हैं। कार चला रहा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर स्थित एम्स (AIIMS) अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
अस्पताल पहुंचे शिव विधायक और पुलिस अधिकारी
हादसे की भनक लगते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलने पर बाड़मेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य और डिप्टी बुद्धाराम बिश्नोई पुलिस जाप्ते के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर मामले की जानकारी जुटाई।

वहीं, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम पूछी और चिकित्सकों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
पुलिस की अग्रिम कार्रवाई जारी
पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर बाड़मेर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों की मौजूदगी में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एक हंसते-खेलते परिवार के इस तरह खत्म हो जाने से बालेबा गांव और परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।












































