मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता श्रीनिवासन का 69 वर्ष की आयु में निधन
मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, पटकथा लेखक, निर्देशक और निर्माता श्रीनिवासन का 20 दिसंबर 2025 को 69 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबी बीमारी से जूझ रहे श्रीनिवासन डायलिसिस के लिए जाते समय अस्वस्थ हो गए और कोच्चि के एक अस्पताल में उनका देहांत हुआ। पांच दशकों के करियर में 225 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले श्रीनिवासन सामाजिक व्यंग्य और आम आदमी के किरदारों के लिए प्रसिद्ध थे। उनके बेटे विनीत और ध्यान श्रीनिवासन भी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उनके निधन पर मोहनलाल, मम्मूट्टी सहित कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी।
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक दुखद दिन: शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को सुबह कोच्चि में प्रसिद्ध अभिनेता, पटकथा लेखक, निर्देशक और निर्माता श्रीनिवासन (Sreenivasan) का निधन हो गया। वे मात्र 69 वर्ष के थे। लंबे समय से हृदय रोग और उम्र संबंधी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे श्रीनिवासन घर पर ही इलाज करा रहे थे। शनिवार सुबह डायलिसिस के लिए जाते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तृपुनिथुरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुबह करीब 8:30 बजे उनका निधन हो गया।श्रीनिवासन का जन्म 6 अप्रैल 1956 को केरल के कन्नूर जिले के थलश्शेरी के पास पट्टयम गांव में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल टीचर थे और मां गृहिणी। बचपन से ही सिनेमा में रुचि रखने वाले श्रीनिवासन ने चेन्नई के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से सिनेमा की औपचारिक शिक्षा प्राप्त की।
करियर की शुरुआत और उपलब्धियां अभिनय की शुरुआत: 1977 में पी.ए. बैकर की फिल्म मणिमुझक्कम से डेब्यू किया।पांच दशकों के लंबे करियर में उन्होंने 225 से अधिक फिल्मों में काम किया।सामाजिक व्यंग्य, हास्य और आम आदमी के संघर्षों को दिखाने वाले किरदारों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध रहे। क्लासिक फिल्में जैसे नाडोडिक्काट्टू, पट्टनप्रवेशम, संदेशम, वडक्कुनोक्कियंत्रम और ञान प्रकाशन में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।पटकथा लेखन: कई सुपरहिट फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी, जिनमें ओडरुथम्मावा आलारियम, गंधीनगर सेकंड स्ट्रीट, वरवेल्पु, थलयनामंत्रम, मझयेथुम मुंपे आदि शामिल हैं। उनकी लेखनी में तीखा सामाजिक व्यंग्य और आम जिंदगी की सच्चाई झलकती थी।निर्देशन: वडक्कुनोक्कियंत्रम और चिंताविष्टयाया श्यामला जैसी फिल्में निर्देशित कीं। चिंताविष्टयाया श्यामला को 1998 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।निर्माण: थट्टथिन मरयथु (जिसका निर्देशन उनके बेटे विनीत ने किया) सहित कई फिल्मों के को-प्रोड्यूसर रहे।श्रीनिवासन को उनके योगदान के लिए कई सम्मान मिले, जिनमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, कई केरल राज्य फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर अवॉर्ड्स शामिल हैं। वे मलयालम सिनेमा में व्यंग्य और यथार्थवाद के प्रतीक माने जाते थे।