एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में 'एम-20 आंदोलन' शुरू: जयपुर के दुग्ध उत्पादकों ने केंद्र सरकार से नीति वापस लेने की मांग की
जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में 'एम-20 आंदोलन' शुरू करने की घोषणा की है।
केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol) नीति के विरोध में जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को 'एम-20 आंदोलन' शुरू करने की घोषणा की। समिति का दावा है कि यह आंदोलन किसानों, पशुपालकों, युवाओं और आम नागरिकों की आवाज बनेगा तथा इसे पूरे देश में जन-अभियान के रूप में चलाया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष रमन यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने जिस तरह पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दिया है, उसी के विरोध में किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से दूध और पानी के मिश्रण को 'एम-20' नाम दिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री को भेजेंगे 'एम-100' मिश्रित दूध
रमन यादव ने कहा कि आंदोलन के तहत केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को प्रतीकात्मक रूप से 'एम-100' मिश्रित दूध भेजा जाएगा। समिति के अनुसार, इसमें केवल पानी होगा, जो सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति के विरोध का प्रतीक होगा।