क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत, रुपया मजबूत और शेयर बाजार में लौटी तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिली है। इससे रुपया और बॉन्ड बाजार मजबूत हुए हैं, जबकि शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो महंगाई पर भी दबाव कम होगा और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेज गिरावट ने भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों को बड़ी राहत दी है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अब हालात कुछ सामान्य होने और आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम होने से तेल की कीमतें फिर से प्री-वॉर (Pre-War) स्तर के करीब पहुंच गई हैं।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा देश की अर्थव्यवस्था को मिलता है। कम कीमतों पर तेल खरीदने से आयात बिल घटता है, जिससे चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) पर दबाव कम होता है और भारतीय रुपये को मजबूती मिलती है।
रुपये और बॉन्ड बाजार को मिला समर्थन