राजस्थान में प्रसव के बाद बिगड़ रही महिलाओं की सेहत, विशेषज्ञों ने बताई गंभीर वजह..

राजस्थान में डिलीवरी के बाद कुछ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और मौत के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ महिलाओं में प्रसव के बाद अचानक खून की कमी होने लगती है, जिससे किडनी सहित अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने समय पर जांच, उपचार और प्रसव के बाद नियमित निगरानी को बेहद जरूरी बताया है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 21, 2026 • 1:07 PM | Jodhpur 5
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राजस्थान में प्रसव के बाद बिगड़ रही महिलाओं की सेहत, विशेषज्ञों ने बताई गंभीर वजह..
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राजस्थान में प्रसव के बाद बिगड़ रही महिलाओं की सेहत, विशेषज्ञों ने बताई गंभीर वजह..

जोधपुर। राजस्थान में हाल के दिनों में प्रसव के बाद कुछ महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने और कुछ मामलों में मृत्यु होने की घटनाओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ प्रसूताओं में डिलीवरी के बाद तेजी से खून की कमी (एनीमिया) होने के साथ-साथ एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति विकसित हो रही है, जिसका समय पर इलाज नहीं मिलने पर किडनी समेत शरीर के अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या सामान्य कमजोरी से अलग है। कुछ मामलों में प्रसव के बाद शरीर में लाल रक्त कणिकाएं (RBC) तेजी से नष्ट होने लगती हैं, प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं और किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। ऐसे मरीजों को तत्काल विशेषज्ञ उपचार और लगातार निगरानी की जरूरत होती है।

डॉक्टरों के मुताबिक, यदि प्रसूता में डिलीवरी के बाद अत्यधिक कमजोरी, पेशाब कम आना, लगातार खून की कमी, सांस लेने में तकलीफ, तेज थकान या शरीर में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत बड़े अस्पताल में जांच और इलाज कराना जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, पर्याप्त पोषण, समय पर इलाज और डिलीवरी के बाद लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग से इस तरह की गंभीर जटिलताओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हाल के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। संबंधित मामलों की जांच की जा रही है ताकि बीमारी की वास्तविक वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि प्रसव के बाद किसी भी असामान्य लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पहचान और सही उपचार मिलने पर अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसलिए जागरूकता, नियमित जांच और विशेषज्ञ चिकित्सा इस समस्या से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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