इस बार अपनों को देखकर गर्दन घुमाएगा दशानन, जानिए आपके जिले में क्या है खास?
राजस्थान में विजयादशमी का पर्व इस बार हाईटेक अंदाज में मनाया जा रहा है। कोटा में 360 डिग्री गर्दन घुमाने वाला 3D रावण और अलवर में रिमोट कंट्रोल से दहन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। जानिए जयपुर, जोधपुर और नागौर सहित अन्य जिलों की खास बातें।



बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी (दशहरा) का पर्व राजस्थान में इस बार बेहद खास और हाईटेक अंदाज में मनाया जा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रावण दहन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कहीं रावण 360 डिग्री गर्दन घुमाएगा, तो कहीं रिमोट कंट्रोल के जरिए दहन किया जाएगा। आइए जानते हैं राजस्थान के प्रमुख शहरों में इस बार दशहरा कैसे मनाया जा रहा है।
कोटा: 360 डिग्री घूमने वाला हाईटेक 3D रावण
कोटा का दशहरा हमेशा से देशभर में मशहूर रहा है। इस बार यहां 105 फीट ऊंचा 3D हाईटेक रावण तैयार किया गया है। यह खास रावण 360 डिग्री तक अपनी गर्दन घुमाएगा, पलकें झपकाएगा, मूंछें हिलाएगा और हाथ में तलवार लहराता हुआ नजर आएगा। इसके साथ ही 72-72 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे। बता दें कि पिछले साल यहां 200 फीट ऊंचे रावण का दहन कर रिकॉर्ड बनाया गया था।
जयपुर: मुस्लिम कारीगरों ने बनाया 105 फीट का दशानन
राजधानी जयपुर के अलग-अलग मैदानों में भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होंगे। सबसे ऊंचा 120 फीट का पुतला विद्याधर नगर स्टेडियम में जलेगा। वहीं, आदर्श नगर और प्रताप नगर में 105 फीट के रावण का दहन होगा। आदर्श नगर के पुतले की सबसे खास बात यह है कि इसे मथुरा से आए मुस्लिम कारीगरों ने सांप्रदायिक सौहार्द की शानदार मिसाल पेश करते हुए बनाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी देर शाम अलग-अलग दहन कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।
अलवर: रिमोट कंट्रोल से होगा दहन, हंसेगा रावण
अलवर के दशहरा मैदान में पुरुषार्थी समिति की ओर से 65 फीट के रावण का पुतला तैयार किया गया है। इस बार यहां रावण दहन रिमोट कंट्रोल के जरिए किया जाएगा। यह पुतला हंसते हुए और अपने हाथ हिलाते हुए नजर आएगा, जो शहरवासियों के लिए एक बड़ा आकर्षण रहने वाला है।
जोधपुर: एक तरफ दहन, तो दूसरी तरफ रावण की पूजा
जोधपुर शहर अपनी एक अनूठी परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 16 में लेजर लाइट शो के साथ 55 फीट के रावण का दहन होगा, वहीं दूसरी ओर गोधा गोत्र के देव ब्राह्मण रावण की पूजा करेंगे। ये लोग खुद को रावण का वंशज मानते हैं और दशहरे के दिन उत्सव मनाने के बजाय शोक मनाते हैं।
नागौर (मेड़ता): अपनों को देखकर गर्दन घुमाएगा दशानन
नागौर जिले के मेड़ता में पहली बार आधुनिक तकनीक से 60 फीट का पुतला तैयार किया गया है। यहां दहन के समय रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद बारी-बारी से एक-दूसरे की तरफ अपनी गर्दन घुमाते हुए नजर आएंगे। आगरा के कारीगरों ने मात्र 15 दिन की मेहनत से इन रोमांचक पुतलों को तैयार किया है।












































