'जीरो FIR' के लिए 40 घंटे से धरने पर दिग्गज, चोटिल डोटासरा ने खुद उठाया कचरा
रितु बराला केस में 'जीरो एफआईआर' दर्ज करने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस का धरना पिछले 40 घंटे से जारी है। धरने के दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा चोटिल हो गए।



राजस्थान की राजधानी जयपुर में रितु बराला को न्याय दिलाने और मामले में 'जीरो एफआईआर' दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस का पुलिस कमिश्नरेट पर धरना पिछले 40 घंटों (सोमवार शाम से) से लगातार जारी है। धरने पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई दिग्गज नेता बैठे हैं। बुधवार को पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल पहली बार वार्ता के लिए कमिश्नरेट के कमरा नंबर 9 में पहुंचे।
कमिश्नरेट में डोटासरा चोटिल, खुद की सफाई
बुधवार सुबह पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा कमिश्नरेट के कमरा नंबर 9 में जाते समय चौखट से टकराकर गिर गए, जिससे उनके पैर के पंजे में चोट आई है। इससे पहले डोटासरा कमिश्नरेट कंपाउंड में ही ब्रश करते और टहलते नजर आए। उन्होंने परिसर में फैला कचरा भी खुद उठाया और कार्यकर्ताओं से सफाई करने को कहा। डोटासरा ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने के लिए है, पुलिस से उनका कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है।
नेताओं और पुलिस के बीच तनातनी
कमिश्नरेट में पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच गतिरोध लगातार बढ़ रहा है। पुलिस ने धरना दे रहे नेताओं को गार्डन में बैठने से रोक दिया और वहां बिछे गद्दे भी हटवा दिए। बुधवार सुबह पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया और प्रहलाद गुंजल को भी अंदर जाने से रोक दिया गया, जिसके बाद कृष्णा पूनिया गेट पर ही धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगीं। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को भी रोका गया था, लेकिन पुलिसकर्मियों से तीखी बहस के बाद वे अंदर चले गए।
तानाशाही का आरोप: टॉयलेट पर जड़े ताले
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार और प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बातचीत से भाग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने टॉयलेट्स पर ताले लगा दिए हैं और गार्डन में बैठने नहीं दिया जा रहा है। रितु बराला ने भी कहा कि यह तानाशाही रवैया है; लोकतंत्र में आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है, जबकि जीरो एफआईआर महज़ पांच मिनट का काम है।
शंखनाद कर जताया विरोध
कमिश्नरेट के बाहर शहीद स्मारक पर भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता डटे हुए हैं। मंगलवार रात पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में एक कार्यकर्ता घायल भी हुआ था। बुधवार को पुलिस कमिश्नर का ध्यान खींचने के लिए प्रदर्शनकारियों ने शंख बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कानूनी पेंच और राजनीतिक वार-पलटवार
डोटासरा ने पुलिस अधिकारियों के सामने बीएनएस की धारा 173 (1) का हवाला देते हुए पूछा कि राजस्थान में जीरो एफआईआर हो सकती है या नहीं, इसका लिखित जवाब दिया जाए। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के 'पाकिस्तान' वाले बयान पर डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि जब ऐसे मुद्दे पर लालकृष्ण आडवाणी जी का इस्तीफा हो गया था, तो मदन राठौड़ क्या चीज हैं। उन्होंने साफ किया कि इन बयानों से उनका मुख्य मुद्दा डायवर्ट नहीं होगा।












































