हाईवे पर गाय के शव से टकराई कार, खुली जेल के 2 कैदियों की मौत
राजस्थान के बाड़मेर में NH-68 पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में हत्या की सजा काट रहे दो कैदियों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार स्विफ्ट कार हाईवे पर पड़े गाय के शव से टकराकर डंपर से भिड़ गई। जानिए पूरी खबर।



राजस्थान के बाड़मेर में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। नेशनल हाईवे-68 (NH-68) पर नवले की चक्की के पास एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और डंपर की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह यह कि दुर्घटना का शिकार हुए दोनों युवक बाड़मेर की खुली जेल में हत्या के मामले में सजा काट रहे थे।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
रीको थानाधिकारी पदमाराम के अनुसार, यह दुर्घटना सोमवार शाम करीब 7 बजे बाड़मेर शहर से 6 किलोमीटर दूर एक पेट्रोल पंप के सामने हुई। दरअसल, हाईवे पर एक गाय का शव पड़ा हुआ था। अंधेरा होने के कारण तेज रफ्तार स्विफ्ट कार चला रहे युवक को सड़क पर पड़ा शव नजर नहीं आया। कार गाय के शव से टकराकर बेकाबू हो गई और डिवाइडर की रेलिंग को चीरते हुए दूसरी तरफ (रॉन्ग साइड) पहुंच गई। उसी दौरान सामने से आ रहे एक भारी डंपर से कार की सीधी टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी भयंकर थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया।
कड़ी मशक्कत के बाद निकाले गए शव
हादसे के बाद दोनों युवक कार के अंदर ही बुरी तरह फंस गए थे। धमाके की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने कार के दरवाजे और मुड़े हुए लोहे को हटाकर दोनों युवकों को बाहर निकाला और तुरंत बाड़मेर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। टक्कर के बाद डंपर भी बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ गया था, जिससे हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर जाम खुलवाया।
पुलिस के सामने उठे कई गंभीर सवाल
मृतकों की पहचान महेंद्र और सुजानाराम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जैसलमेर के रहने वाले थे। दोनों बाड़मेर की ओपन जेल (खुली जेल) में सजा काट रहे थे। खुली जेल के नियमों के मुताबिक, बंदियों को दिन में काम करने की छूट होती है, लेकिन शाम करीब 7 बजे की रोल कॉल (हाजिरी) के लिए उन्हें वापस जेल पहुंचना अनिवार्य होता है। हाजिरी के वक्त ही वे इस हादसे का शिकार हो गए। अब पुलिस इस एंगल से गंभीरता से जांच कर रही है कि दोनों कैदी कार लेकर कहां जा रहे थे, उन्हें कार किसने दी और वे किस उद्देश्य से सफर कर रहे थे।
हाइवे पर आवारा पशु बन रहे जानलेवा
इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर आवारा पशुओं और मृत मवेशियों के कारण होने वाले जानलेवा हादसों की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि गाय का शव करीब एक घंटे से हाईवे पर पड़ा था, लेकिन प्रशासन या टोल कर्मियों द्वारा उसे समय पर नहीं हटाया गया। यही लापरवाही अंततः दो लोगों की मौत का कारण बन गई।













































