राजस्थान में लोकसभा परिसीमन का नया प्रस्ताव: SC-ST आरक्षित सीटें बढ़ाने की सिफारिश, कई दिग्गज नेताओं की बदल सकती है सीट

राजस्थान में लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट में राज्य की सीटें 25 से बढ़ाकर 37 करने और SC-ST के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार नागौर, बारां-झालावाड़ और जयपुर ग्रामीण जैसी सीटों के आरक्षण में बदलाव हो सकता है, जबकि बीकानेर और दौसा सीटों को सामान्य श्रेणी में लाने की सिफारिश की गई है। यदि भविष्य में ऐसे बदलाव लागू होते हैं तो कई बड़े नेताओं के सियासी समीकरण बदल सकते हैं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 11, 2026 • 10:49 AM  10
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राजस्थान में लोकसभा परिसीमन का नया प्रस्ताव: SC-ST आरक्षित सीटें बढ़ाने की सिफारिश, कई दिग्गज नेताओं की बदल सकती है सीट
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राजस्थान में लोकसभा परिसीमन का नया प्रस्ताव: SC-ST आरक्षित सीटें बढ़ाने की सिफारिश, कई दिग्गज नेताओं की बदल सकती है सीट

राजस्थान में प्रस्तावित लोकसभा परिसीमन को लेकर एक नई राजनीतिक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें राज्य की लोकसभा सीटों की संख्या 25 से बढ़ाकर 37 करने के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नई व्यवस्था में कुल 12 सीटें आरक्षित हो सकती हैं, जिनमें 7 सीटें SC और 5 सीटें ST वर्ग के लिए प्रस्तावित हैं। वर्तमान में राज्य में 4 सीटें SC और 3 सीटें ST वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

रिपोर्ट में कई मौजूदा संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन और आरक्षण में बदलाव का सुझाव दिया गया है। सबसे चर्चित प्रस्तावों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) सांसद हनुमान बेनीवाल की नागौर सीट को नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों को मिलाकर SC के लिए आरक्षित करने की सिफारिश की गई है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले बारां-झालावाड़ संसदीय क्षेत्र को ST के लिए आरक्षित करने का सुझाव दिया गया है।

बीकानेर और दौसा सीटें हो सकती हैं सामान्य

रिपोर्ट में बीकानेर लोकसभा सीट को SC आरक्षण से मुक्त कर सामान्य श्रेणी में लाने और दौसा सीट को ST आरक्षण से हटाकर सामान्य सीट बनाने का सुझाव दिया गया है। यदि ऐसा होता है तो इन दोनों सीटों पर राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। दौसा सीट सामान्य होने की स्थिति में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के लिए यह सीट एक बार फिर संभावित विकल्प बन सकती है। पायलट और उनके पिता राजेश पायलट दोनों इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

कई सांसदों को बदलनी पड़ सकती है सीट

यदि परिसीमन आयोग भविष्य में इसी तरह की सिफारिशों को लागू करता है तो कई बड़े नेताओं को नई लोकसभा सीट तलाशनी पड़ सकती है। इनमें नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल, बारां-झालावाड़ से सांसद दुष्यंत सिंह और जयपुर ग्रामीण से सांसद राव राजेंद्र सिंह शामिल हैं। रिपोर्ट में जयपुर ग्रामीण सीट को भी SC के लिए आरक्षित करने का सुझाव दिया गया है।

नए संसदीय क्षेत्रों का भी प्रस्ताव

रिपोर्ट में राज्य के कई संसदीय क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव का सुझाव दिया गया है। प्रस्तावित हनुमानगढ़ लोकसभा सीट में नोहर विधानसभा क्षेत्र को शामिल करने की बात कही गई है, जो वर्तमान में चूरू लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इसी तरह राजसमंद संसदीय क्षेत्र में उदयपुर की मावली और वल्लभनगर विधानसभा सीटों को जोड़ने तथा जयपुर ग्रामीण में दूदू विधानसभा क्षेत्र को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

सिरोही और डूंगरपुर क्षेत्र में भी बड़े बदलाव

जालोर-सिरोही लोकसभा क्षेत्र को विभाजित कर अलग सिरोही सीट बनाने और उसे ST के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके पीछे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बदलते राजनीतिक समीकरणों को आधार बताया गया है। साथ ही डूंगरपुर संसदीय क्षेत्र में सलूंबर विधानसभा क्षेत्र को शामिल करने की भी सिफारिश की गई है।

पहले भी आ चुकी है परिसीमन पर रिपोर्ट

इससे पहले प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की एक अध्ययन रिपोर्ट में राजस्थान में लोकसभा सीटों की संख्या 38 करने का अनुमान जताया गया था। उस रिपोर्ट में 13 नई सीटों के गठन के लिए छह मौजूदा लोकसभा क्षेत्रों को तीन-तीन हिस्सों में और चूरू लोकसभा क्षेत्र को दो भागों में विभाजित करने का सुझाव दिया गया था। हालांकि उस रिपोर्ट में अधिकांश बड़े नेताओं की सीटों पर बदलाव की अनुशंसा नहीं की गई थी।

नई रिपोर्ट में इससे अलग सुझाव दिए गए हैं। इसमें कोटा से बूंदी को अलग संसदीय क्षेत्र बनाने और कई आरक्षित सीटों के पुनर्गठन की बात कही गई है।

वर्तमान आरक्षित सीटों की स्थिति

राजस्थान में फिलहाल बीकानेर, श्रीगंगानगर, भरतपुर और करौली-धौलपुर लोकसभा सीटें SC वर्ग के लिए आरक्षित हैं। वहीं उदयपुर, बांसवाड़ा-डूंगरपुर और दौसा सीटें ST वर्ग के लिए आरक्षित हैं। नई सिफारिशों के अनुसार इन आरक्षित सीटों के स्वरूप और संख्या दोनों में बड़े बदलाव संभव हैं।

हालांकि यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये केवल एक अध्ययन समूह की सिफारिशें हैं। अंतिम निर्णय परिसीमन आयोग की प्रक्रिया और केंद्र सरकार द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों के बाद ही होगा। फिलहाल इन प्रस्तावों ने राजस्थान की राजनीति में नए सियासी समीकरणों और संभावित बदलावों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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