क्या जलेंगे नए 'जॉइंट ग्रीन पटाखे'? सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा- 24 घंटे नहीं फोड़ सकते बम-पटाखे
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर पूरी तरह बैन लगाने से इनकार करते हुए कहा है कि लोगों की भावनाओं और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है। जानें कोर्ट ने नए ग्रीन पटाखों और उनकी शर्तों को लेकर क्या कहा।
दिवाली से पहले पटाखों पर लगे बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम सुनवाई की। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया है कि देशभर में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि 24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति किसी भी हाल में नहीं दी जा सकती। इसके लिए एक निश्चित समय सीमा तय करनी होगी, ताकि लोग त्योहार भी मना सकें और आम जनता को कोई परेशानी भी न हो।
आस्था, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी
जस्टिस एमएम सुंदरैश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं के बीच एक उचित संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अदालत ने केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बेरियम की जांच, ध्वनि सीमा (डेसिबल लेवल) तय करने और उनके फायर टेस्टिंग के लिए अतिरिक्त समय दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 15 अक्टूबर को की जाएगी।