जानिए कैसे हुस्न का जाल बिछा कर अमीरों का शिकार करती थी ये लड़की
लखनऊ के हजरतगंज में हुए कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे के पूर्व ड्राइवर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जानिए कैसे रईसजादों को फंसाने के लिए बिछाया जाता था हुस्न का जाल और क्या था पूरी साजिश का सच।



उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हाई-प्रोफाइल शिवा शर्मा हत्याकांड (Shiva Sharma Murder Case) में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर हुई कारोबारी शिवा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर आदिल पुलिस को चकमा देकर लगातार फरार हैं। पुलिस इन तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर गैर-जमानती वारंट जारी करवा चुकी है। इस बीच, श्रद्धा की स्कॉर्पियो (UP32 0111) चलाने वाले एक पूर्व ड्राइवर ने उसके काले कारनामों और 'हनीट्रैप' सिंडिकेट को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं।
क्या है पूरा शिवा हत्याकांड?
बीते 9 अक्टूबर को हजरतगंज के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। वह पिछले 4 महीनों से श्रद्धा के साथ लिव-इन में था। मौत के वक्त शिवा के शरीर पर सिर्फ अंडरवियर था, चेहरे पर लिपस्टिक के निशान थे और शरीर पर सिगरेट से जलाए जाने के गहरे घाव मिले थे। शिवा की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर समेत 5 लोगों के खिलाफ हत्या (हत्या कर नीचे फेंकने) का मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल लखनऊ पुलिस फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
रईसों को फंसाने के लिए रात में निकलती थी श्रद्धा
पूर्व ड्राइवर ने बताया कि वह 4-5 महीने पहले एक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए श्रद्धा की गाड़ी चलाने पहुंचा था। श्रद्धा का रोज का रूटीन बेहद हैरान करने वाला था। वह देर रात मुंशी पुलिया के एक सैलून से तैयार होकर लौटती थी और फिर पार्टी के लिए विभूतिखंड स्थित किसान बाजार के कैफे और लाउंज जाती थी। ड्राइवर के मुताबिक, श्रद्धा जानबूझकर गाड़ी की रफ्तार धीमी करवाती थी, तेज म्यूजिक बजवाती थी और शीशे नीचे करके रईसजादों का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करती थी।
महज 7 दिन में सैलून मालिक को किया था ट्रैप
ड्राइवर ने खुलासा किया कि श्रद्धा जिस पार्लर में जाती थी, उसने वहां के अमीर मालिक को भी अपने जाल में फंसा लिया था। एक फोन कॉल पर वह किसी से कह रही थी कि "पुराना वाला पैसे नहीं देता, अब इसी सैलून वाले के साथ रहूंगी क्योंकि इसके पास बहुत पैसा है।" ड्राइवर के अनुसार, महज सात दिन के अंदर श्रद्धा ने उस सैलून मालिक को पूरी तरह से अपने शिकंजे में ले लिया था।
'पैसे न देने पर मार डालने की होती थी बात'
ड्राइवर ने एक डरावना वाकया साझा करते हुए बताया कि एक रात हजरतगंज में मोती महल के पास दो ट्रांसजेंडर उनकी गाड़ी में आकर बैठे। सफर के दौरान श्रद्धा और वे लोग लड़कों को फंसाने और पैसे न देने पर उनकी हत्या कर देने जैसी बातें बेहद गंदी गालियों के साथ कर रहे थे। इन खौफनाक बातों को सुनकर ड्राइवर बुरी तरह डर गया था।
डीजल के लिए गालियां और ब्लैकमेलिंग

आरोपी श्रद्धा पैसों के लिए लोगों को किस कदर ब्लैकमेल करती थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भी गाड़ी (स्कॉर्पियो नंबर-0111) में डीजल कम होता था, वह पेट्रोल पंप से ही किसी शख्स को कॉल करके गंदी गालियां देती थी। वह धमकी देती थी कि अगर तुरंत टंकी फुल नहीं करवाई तो अंजाम बुरा होगा। धमकी के कुछ ही मिनटों में उसके पास पैसे आ जाते थे।
दिखावे की शौकीन श्रद्धा को लेकर ड्राइवर ने बताया कि एक बार किसी ने उसे बूट्स (जूते) गिफ्ट किए थे। फोन पर वह गिफ्ट देने वाले को सुनाते हुए कह रही थी कि उसने वे 'लोकल' जूते फेंक दिए हैं, लेकिन असलियत में वह उन्हीं जूतों को पहनकर पार्टियों में जा रही थी। इसके अलावा वह अक्सर अपार्टमेंट के नीचे एक खास 'BMW' कार की रेकी भी करवाती थी।
राजदार 'आमिर' की भूमिका और कत्ल की धमकी
ड्राइवर के मुताबिक, श्रद्धा के हर राज का सबसे बड़ा गवाह 'आमिर' नाम का शख्स है। देर रात 2:30 बजे के करीब आमिर उससे मिलने आता था, जिसके बाद ड्राइवर को छुट्टी दे दी जाती थी। ड्राइवर की पेमेंट से लेकर श्रद्धा की हर गतिविधि की जानकारी आमिर को होती थी। एक दिन जब आमिर का अपनी गर्लफ्रेंड से झगड़ा हुआ, तो श्रद्धा ने उसकी बहन बनकर समझौता कराने की पेशकश भी की थी।
श्रद्धा की इन संदिग्ध हरकतों से परेशान होकर जब ड्राइवर ने महज 7 दिन बाद काम छोड़ा और अपना हिसाब मांगा, तो उसने श्रद्धा की असलियत काम दिलाने वाले शख्स को बता दी। इसकी भनक लगते ही श्रद्धा ने ड्राइवर को फोन पर जान से मरवा देने की धमकी दी थी।













































