सुप्रीम कोर्ट के CJI की आपत्ति के बाद NCERT की क्लास 8 किताब में 'ज्यूडीशियल करप्शन' वाले चैप्टर पर बिक्री रोक; किताब वेबसाइट से हटाई गई, हिस्सा हटाने की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की नई कक्षा 8 सोशल साइंस किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाले सेक्शन पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे संस्था को बदनाम करने की सोची-समझी कोशिश बताया। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका को किसी को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और उन्होंने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए खुद देखने की बात कही। इसके बाद एनसीईआरटी ने किताब की बिक्री रोक दी, इसे वेबसाइट से हटा दिया गया और विवादित हिस्सा हटाने की तैयारी है। सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे उठाया था, जिसमें सिर्फ ज्यूडिशियरी पर फोकस करने को चुनौती दी गई।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने NCERT की नई क्लास 8 सोशल साइंस टेक्स्टबुक में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' (Judicial Corruption) पर दिए गए सेक्शन पर गहरी नाराजगी जताई है। CJI ने इसे "सोचा-समझा कदम" और "संस्था को बदनाम करने की कोशिश" करार दिया, साथ ही कहा कि न्यायपालिका को किसी को भी बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने इस मामले को खुद देखने की बात कही और संकेत दिया कि सुप्रीम कोर्ट इस पर स्वत: संज्ञान (suo motu) ले सकता है।
इसके बाद NCERT ने किताब की बिक्री पर रोक लगा दी है। किताब अब NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है, और ऑफलाइन बिक्री भी 24 फरवरी 2026 से बंद कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, किताब के इस विवादित हिस्से को हटा दिया जाएगा।