बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा: विस्तृत रिपोर्ट
बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत के बाद व्यापक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने ढाका में प्रमुख अखबारों प्रोथोम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की, साथ ही अवामी लीग से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाया। इसी अशांति के बीच एक अलग घटना में मैमनसिंह के भालुका में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और शव को जलाया। अंतरिम सरकार ने शांति की अपील की है।
बांग्लादेश में एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा की लहर दौड़ गई है। जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन (जिसे 'जुलाई विद्रोह' कहा जाता है) के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच (Inqilab Mancha) के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी (Sharif Osman Hadi) की मौत के बाद देश के कई हिस्सों, खासकर राजधानी ढाका में व्यापक प्रदर्शन और हिंसक घटनाएं हुईं। हादी की मौत 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर के एक अस्पताल में हुई, जहां वे 12 दिसंबर को ढाका में गोली लगने के बाद इलाज करा रहे थे।
शरीफ उस्मान हादी कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई? 32 वर्षीय हादी 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को उखाड़ फेंका। वे इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे और फरवरी 2026 के प्रस्तावित आम चुनाव में ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार बनने की तैयारी कर रहे थे।12 दिसंबर 2025 को ढाका के पल्टन इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी।गंभीर हालत में उन्हें पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू की है और दो संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर 50 लाख टका (लगभग 42,000 डॉलर) का इनाम घोषित किया है।हादी भारत-विरोधी बयानों और कट्टरपंथी विचारधारा के लिए जाने जाते थे।